विधानसभा के बजट सत्र में निवा परियोजना के तहत प्रशिक्षण एवं टैबलेट वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
विधानसभापरिसरमें NeVA सेवाकेंद्रकाविधिवत्उद्घाटन
गांडीव रिपोर्टर, रांची।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड विधान सभा में आयोजित षष्ठ्म विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र-2026 में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) परियोजना के तहत प्रशिक्षण एवं टैबलेट वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधान सभा में एनईवीए (NeVa) सेवा केंद्र का विधिवत् उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड विधान सभा में NeVA सेवा केंद्र के रूप में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। आज NeVA सेवा केंद्र का यहां विधिवत उद्घाटन हुआ है। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन के माध्यम से कई चीजें आसान होगी। इस एप्लीकेशन के माध्यम से विधान सभा के सदस्यगण विधायी कार्यों को सरलता और समयबद्ध तरीके से संपन्न कर सकेंगे। सदस्यों को अब विधान सभा सत्र के दौरान देर रात में यहां पहुंचकर प्रश्नों को डालने सहित अन्य कागजी प्रक्रियाओं के लिए आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही साथ विधान सभा कर्मियों को भी ड्यूटी में सहूलियत होगी।
एप्लीकेशन के माध्यम से कई कार्य होंगे संपन्न
मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि देश में लगभग 20 राज्यों के विधान सभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के माध्यम से डिजिटल एवं पेपरलेस तरीके से विधायी कार्यों को सम्पन्न करने की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि आज झारखंड विधान सभा में माननीय सदस्यों को इस एप्लीकेशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी से अवगत कराया जा रहा है तथा उन्हें टैबलेट भी प्रदान किया जा रहा ताकि कार्यों का संपादन डिजिटल रूप से सरलता पूर्वक किया जा सके। आगामी विधान सभा सत्र में भी इस एप्लीकेशन के माध्यम से कई कार्य संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन के माध्यम से लोग बैंकिंग सहित कई ऑफिशियल कार्य भी आसानी से संपन्न करते हैं।
बेहतर समन्वय के लिए डिजिटाइजेशन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष हो चुके हैं, धीरे-धीरे ही सही पर झारखंड अब बेहतर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। झारखंड विधान सभा अध्यक्ष के प्रयास से विधान सभा में सभी कार्य डिजिटल यानी कि पेपरलेस की ओर अग्रसर हो रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि अब डिजिटल माध्यम से बेहतर कम्युनिकेशन बनेगा जिससे माननीय सदस्यों को काफी सुविधा होगी। पहले समन्वय के अभाव से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन के उपयोग से अब कागजों के बंडलों की ढ़ेर में भी कमी आएगी तथा कार्यों में रफ्तार भी देखने को मिलेगा।
माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि किसी भी डिजिटल एप्लीकेशन का उपयोग करने से पहले कुछ चुनौतियां भी रहती हैं उन चुनौतियों के संदर्भ में आज यहां माननीय सदस्यों के लिए प्रशिक्षण सत्र भी रखा गया है। वर्तमान समय में साइबर अपराध एक चुनौती है। माननीय सदस्यों के किसी भी प्रश्नों में कोई हेर-फेर न हो, कागजी प्रक्रिया में कोई बाधा न हो इस निमित्त NeVA सिक्योरिटी से संबंधित सारी जानकारी से अवगत रहने की जरूरत है ताकि इन सब चीजों से बचा जा सके।
रांची। झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है। बजट ऐसा हो, जो इस युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को भी गति मिले। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और क्षेत्र को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सके।
बजटकीराशिमेंहोरहीहरवर्षवृद्धि, राजस्वबढ़ानेपरजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में भी हमें ठोस तरीके से कार्य करना होगा ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं हो।
बजटसेआमलोगोंकोभीजोड़नाहोगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों को भी जिम्मेदारी देनी होगी। इस दिशा में हमारी सरकार आम लोगों से लगातार सुझाव ले रही है। मेरा मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही हम एक संतुलित और विकास आधारित बजट इस राज्य का बना सकते हैं।
विदेशदौरेमेंमिलेअनुभवसेराज्यकोदेंगेनईदिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे से लौटा हूं। वहां काफी करीब से उनकी नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्य शैली तथा परंपरा- संस्कृति देखने – समझने का मौका मिला। विदेश दौरे में हमें जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उसके जरिए हम राज्य को नई दिशा देने देंगे का प्रयास करेंगे।
नईपीढ़ीनएतरीकेसेबढ़रहीहैआगे
मुख्यमंत्री ने कहा की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ये पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग रास्ते तलाश रही है। ऐसे में नई पीढ़ी की जरूरतों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप बजट को तैयार करना होगा ताकि उन्हें उन्हें हम बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। इसके लिए जरूरी है कि हम नवीनतम प्रयोग के साथ आगे बढ़ें।
संसाधनोंऔरक्षमताओंकीकोईकमीनहींहै
झारखंड में किसी भी क्षेत्र में संसाधन और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल – जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं। प्रचुर खनिज संपदा है। उद्यमी हैं। मानव संसाधन है। मेहनतकश श्रम बल है। किसान हैं। खिलाड़ी हैं। इसके साथ अनेकों और क्षेत्र हैं, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमें इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करना है ।
हरक्षेत्रमेंलक्ष्यकेसाथबढ़रहेहैंआगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में प्राकृतिक, औद्योगिक और आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है । ऐसे में अपने इन संसाधनों के बलबूते शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल, प्राकृतिक, औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में निरंतर नए प्रयोग हो रहे हैं। खेतों में पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं – सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल जंगल और जमीन के संरक्षण और सदुपयोग को लेकर मजबूत रूपरेखा के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक छोटा और पिछड़ा राज्य है। लेकिन, देश की अर्थव्यवस्था में यह राज्य अहम योगदान देता आ रहा है। ऐसे में अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की नई नीति, कार्ययोजना एवं बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उत्पादोंकावैल्यूएडिशनहो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से झारखंड समृद्ध राज्य है। यहां देश का सबसे ज्यादा लाह उत्पादन होता है। तसर उत्पादन में भी झारखंड काफी आगे हैं । ऐसे और भी अनेकों संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन करने की जरूरत है, ताकि इसका इस्तेमाल अपने राज्य के हिसाब से कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है । यहां की जनजातीय परंपरा काफी समृद्ध है। ऐसे में जनजातीय परंपराओं को आगे भी ले जाना है। इस दिशामे हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और सन्तुलित बजट को लेकर आम लोगों से विचार और सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी लगातार हुई और उनके सुझाव लिए गए। उनके द्वारा मिले बेहतर सुझावों को बजट में भी जगह देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
लंदन। यूनाइटेड किंग्डम में स्थित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय विश्व के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसकी शिक्षा, शोध और सार्वजनिक विमर्श की परंपरा सदियों पुरानी है। इसका ब्लावातनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट – सार्वजनिक नीति, शासन और नेतृत्व के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान है, जो विश्वभर के नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं को जोड़ता है। प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर, ब्लावातनिक स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और उनका शोध तुलनात्मक राजनीति, राज्य क्षमता और विकास पर केंद्रित है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ब्लावातनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में प्रशन-उत्तर सत्र प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर के साथ –
1. मैं आपसे झारखंड राज्य के लिए आपकी विकास को लेकर सोच के बारे में जानना चाहती हूँ। यह राज्य अपने वनों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, लेकिन साथ ही यहाँ जन-आंदोलनों का इतिहास भी रहा है जहाँ लोगों ने स्वयं को विकास की प्रक्रिया से अलग महसूस किया है।
उत्तर: गुड ईवनिंग एव्रीवन! सभी को झारखंड से जोहार! झारखंड, इंडिया का एक छोटा सा नया राज्य है, जो वर्ष 2000 में अपने अस्तित्व में आया।25 साल का है हमारा युवा झारखंड। सिल्वर जुबली मना रहा है अपना राज्य। और यह संजोग है कि हम लोग आज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हैं, और ये कहा जाये कि यह एक सेलिब्रेशन भी हमारे लिए 25 साल का।और जैसे कि आपका सवाल है कि हमारा क्या विज़न है? तो मैं कहूँगा की बहुत डाइवर्सिटी है हमारे राज्य में।
राज्य अलग होने के बाद ये पहला मौक़ा है, जब झारखंड मज़बूती के साथ निवेश के लिए इंडिया से बाहर आया। पहले यह युवा झारखंड दावोस गया और उसके बाद यूके, आप लोगों के बीच यहाँ आया है। और इसे इत्तेफ़ाक कहें या सुखद अनुभव, कि दोनों चीजें एक साथ हुई – एक ट्राइबल डोमिनेटेड राज्य से एक ट्राइबल लीडरशिप, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहली बार पहुंचा, साथ ही आप लोगों के बीच भी पहली बार आया। हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए साझा प्रयास को लेकर हम वैश्विक मंचों पर आए हैं।
बहुत बड़ी लेगेसी जुड़ी है हमारे झारखंड के साथ। आपके सेंट जॉन्स ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हमारे जयपाल सिंह मुंडा जी ने अपना ऐतिहासिक क्षण बिताया। हम उसी राज्य से आते हैं, और जिस तरीके से जयपाल सिंह मुंडा जी ने अपना एक इतिहास, अपनी एक छवि बनाई, आप लोगों के मार्गदर्शन में, तो हमने उस लेगेसी को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया। जयपाल सिंह मुंडा स्कालरशिप के साथ आने वाली पीढ़ी को हम तैयार कर रहे हैं।
हमारा स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स से परिपूर्ण राज्य है। नेचुरल रिसोर्सेस तो हैं ही हमारे राज्य में, साथ में हमारे राज्य में नैसर्गिक सुंदरता भी है। हमारे झारखंड में बहुत ही शांत स्वभाव के लोग रहते हैं, और इसी वजह से हमारे राज्य में यही कहा जाता है कि – वहाँ का बोलना ही गाना है, चलना ही नृत्य है। ये हमारे राम दयाल सिंह मुंडा जी थे जिन्होंने इस बात को बहुत अच्छे ढंग से दुनिया के सामने रखा था।
हम लोगों ने माइन्स-मिनरल्स से हटकर – एक नया रास्ता ढूँढने का प्रयास किया है। हमारे राज्य ने नक्सल का भी बहुत बड़ा दंश झेला है। परंतु, उस पर मैं बहुत ज़्यादा चर्चा नहीं करूँगा, चूँकि उसका बहुत बड़ा इतिहास है।
हमारा फोकस माइन्स एवं मिनरल्स से हटकर, एक नयी सोच पर है, वह है टूरिज्म, स्पोर्ट्स, एजुकेशन। और एक जो पूरे विश्व में आदिवासी समुदायों में देखा जाता है कि कहीं ना कहीं विकास के जो पैमाने हैं, विकास के जो रास्ते हैं, उसमें हम पीछे रह जाते हैं। लेकिन हमारा यह प्रयास है कि हम उन्हें पीछे नहीं, आगे बढ़ाने का काम करें। और इसी की एक कड़ी है कि हम आज जयपाल सिंह मुंडा स्कालरशिप भी चला रहे हैं,बल्कि इसके अलावा हम स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा तक बड़े प्रोग्राम भी चला रहे हैं।
केंद्र में विरोधी सरकार है, राज्य को कैसे मिलेगी राहत।
2. सर, यह सवाल खास तौर पर छात्रों के लिए है। झारखंड ने अक्सर ऐसी सरकारें चुनी हैं जो केंद्र सरकार के विपक्ष में रही है, जिससे केंद्र–राज्य संबंध जटिल हो सकते हैं। विपक्ष के नेतृत्व वाले राज्य के रूप में,आप इस स्थिति को कैसे देखते हैं?
उत्तर: मैं आज देश से बाहर आया हूँ मलतब निवेश के लिए झारखण्ड बाहर आया है। और जिस राजनीतिक परिदृश्य की आप बात कह रहे है कि वह हमारी चुनौती है, मैं इसे बहुत ज्यादा उस नजर से नहीं देखता हूँ।इसे मैं फ़ेडरल स्ट्रक्चर का खूबसूरत मॉडल समझता हूँ कि हमारा देश एक लोकतान्त्रिक देश है और अलग-अलग विचार के लोग वहाँ रहते हैं। देश तो हमारा ही है। और जब तक राज्य मजबूत नहीं होगा तो देश भी मजबूत नहीं होगा। और मैं कहता हूँ की जब तक मेरा गांव मजबूत नहीं होगा तो मेरा राज्य भी मजबूत नहीं होगा। इसलिए मैं हमेसा फोकस करता हूँ कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत हो।
हम लोग केंद्र के साथ हो सकता कि राजनीतिक रूप से अलग-अलग हों, क्यूँकि हम एक पार्टी चला रहे हैं और वो एक पार्टी चला रहे हैं। हमारे देश में अलग-अलग पार्टियाँ हैं और कई सारे राज्य हैं जहां अलग-अलग रीजनल पार्टी और नेशनल पार्टी, सब अलग-अलग ताकत के साथ हैं। और मुझे नहीं लगता कि बहुत बड़ी चुनौती है, हम यही झगड़ा करेंगे तो, संघीय ढांचा और लोकतान्त्रिक व्यवस्था का कोई मतलब रहेगा नहीं।
जिनका विकास में होगा जितना योगदान, क्या उनको उतना लाभ मिलेगा
3. मुख्यमंत्री जी, आपने कहा कि जिन लोगों ने विकास में जितना योगदान दिया, उन्हें उतना लाभ नहीं मिल पाया। मेरा प्रश्न यह है कि क्या भारत की राजनीतिक व्यवस्था वास्तव में इसे संभव होने देगी? एक ओर केंद्र के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना होता है, वहीं दूसरी ओर उन राज्यों से प्रतिस्पर्धा भी करनी पड़ती है जहाँ आपके राजनीतिक दल के सहयोगी सत्ता में हैं। इस राजनीति की बारीक रेखा को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: देश में सबसे अधिक माइन्स एंड मिनरल्स झारखण्ड में है। तब तो मैं यह भी कह सकता हूँ कि अपने राज्य का माइन्स एंड मिनरल्स किसी को न दूँ। कल कोई और स्टेट ये सोच सकता है – जैसे महाराष्ट्र है, आँध्र प्रदेश है, जो विकसित राज्य है वो भी ये सोचेंगे की मैं अच्छा कर रहा हूँ तो दूसरे राज्यों में पैसा क्यू जाये? केंद्र सरकार एक ब्रिज का काम करता है। सभी को समान देखना और उसको समझना होता है। हम लोग अपनी बातें रखते हैं। इलेक्शन के टाइम अप एंड डाउन दिखता रहता है, नहीं तो सबको साथ में ही चलना है।
और कहते हैं न कि एक हल के दो बैल होते हैं। तो एक बैल स्टेट है, और दूसरा बैल सेंट्रल है। दोनों को साथ ही चलना होता है, नहीं तो खेत नहीं बनता है। इसलिए आज के दिनों मुझे लगता है कि यह कोई समस्या नहीं है।
जयपाल मुंडा स्कॉलरशिप में सामान्य वर्ग और स्नातक के विद्यार्थियों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
4. मैं जानना चाहता हूँ कि जयपाल मुंडा स्कॉलरशिप में सामान्य वर्ग और स्नातक के विद्यार्थियों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
उत्तर: कुछ अलग-अलग खबरों के माध्यम से और जैसे आपने कहा है कि जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप में जनरल वर्ग को क्यूँ नहीं जोड़ा गया है। हमारा पूरा प्रयास है कि हम दूर तक और अच्छी गति से जाएँ, इसके लिए हम स्टेप बाइ स्टेप आगे जा रहे हैं। आपको पता है कि आज बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में जो बच्चे हैं उनके बारे में भी सरकार सोच रही है। आज कॉम्पटिशन बहुत बढ़ गया है जिससे हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे पीछे रह जाते हैं। आपको पता होगा कि इसलिए हमने सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस शुरू किया है। उसमें कोई बैरीअर नहीं है कि एससी,एसटी ही आएँगे, वह सभी के लिए है। और वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट।
ओवरसीज स्कालर्शिप में सिर्फ एसटी को जोड़ा गया जिसके बाद डिमांड बढ़ने पर उसमें एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक को भी जोड़ा गया। अभी सीमित संख्या हमने रखी है 25 बच्चों की। और अभी डिमांड 150बच्चों का है।
आने वाले समय में वो रास्ता भी बनाएँगे। सेंट जोंस के साथ वार्ता चल रही है पीएचडी स्कालर्स के लिए कि उनके यूनिवर्सिटी में अपने बच्चों को भेज सकूँ। आज हमने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड शुरू किया है। आपको पता है कि उसमें भी कोई बैरियर नहीं है। हायर एजुकेशन के लिए – टेक्निकल,मेडिकल, ज्यूडिशियल, आदि क्षेत्र में जो आपको अपना कोर्स सलेक्ट करना है, अगर उसमें वित्तीय परेशानी आती है तो उसके लिए सरकार आपको हैंड-होल्डिंग करती है। जिसमें बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट है और जब तक आपकी एजुकेशन पूरी नहीं हो जाती है, तब तक आपको कोई बैंक को रिटर्न देने की जरूरत नहीं होती है। उसके बाद आप धीरे-धीरे बैंक को पैसा वापस कर सकते हैं।
इसके साथ-साथ सरकार को अन्य क्षेत्रों में भी ध्यान देना होता है।सामाजिक क्षेत्र में। हमारा राज्य पिछड़ा भी है तो हमारी पहली प्राथमिकता कल्याणकारी योजनाओं पर भी रहती है। तो उनको भी लेकर हमें ज्यादा संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है। आने वाले समय में बहुत अच्छे और दरवाजे खोलने का काम करेगी सरकार, जहां हम सब के लिए एक कॉमन प्रोग्राम चला पाए। पहले जो कमजोर है, बिल्कुल जो पीछे है,उसे हम थोड़ा आगे लाने की कोशिश कर रहे हैं।
आप देखेंगे, हम मइयां सम्मान योजना चला रहे हैं। आज आबादी की 50प्रतिशत जो महिलाएं हैं – लगभग 56 लाख महिलाओं को हर महीने 2500रुपये की सहायता राशि हम देते हैं। बजट का बहुत बड़ा हिस्सा हम सिर्फ महिला सशक्तिकरण में खर्च कर रहे हैं। बहुत सारे लोग बोलते हैं यह पॉलिटिकल वोट बैंक का कॉन्सेप्ट है, लेकिन उसका इम्पैक्ट आप गांव जाओगे तो आप भी महसूस करोगे कि वो कैसे इस राशि का उपयोग अपने और अपने परिवार की भलाई और क्षमता वृद्धि के लिए कर रही हैं। बहुत सीधी बात है जैसे आपकी बाइक में जब तक बैटरी चार्ज नहीं होगी तो वह एक किलोमीटर भी नहीं चलेगी। ऐसे ही जब तक आपके जेब में पैसे नहीं होंगे तब तक आप कुछ और सोच भी नहीं पाएंगे आज के समय में।
क्या आपकी सरकार अतीत की ग़लतियाँ नहीं दोहराएगी?
5. जयपाल सिंह मुंडा और शिबू सोरेन की विरासत को सम्मान देते हुए, आपकी सरकार यह कैसे सुनिश्चित करेगी कि भूमि अधिग्रहण और शोषणकारी विकास की अतीत की गलतियाँ दोहराई नहीं जाएँगी?आगामी 25 वर्षों में झारखंड कौन-सा ऐसा विकास मॉडल अपनाएगा, जिसमें आदिवासी वर्ग वास्तविक भागीदार और लाभार्थी बनें, और असमानता न बढ़े?
उत्तर: मैं आपको बताना चाहूंगा कि आपकी जो चिंता है, यह बहुत वास्तविक चिंता है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि झारखंड के आदिवासियों ने डेवलपमेंट के नाम पर बहुत कुछ खोया है। बड़े इंडस्ट्री आए, अनगिनत जमीनें ली गयीं। उस समय शायद हो सकता है कि जनसंख्या कम रही हो, लोगों ने दे दिया हो। लेकिन आज जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
हां, जितना झारखंड के लोगों ने विकास में सहयोग किया उसका कहीं ना कहीं लाभ जो उनके पास आना चाहिए था वह नहीं आया। और यह वास्तव में लोगों की भी चिंता है| लेकिन आप को मैं यह विश्वास दिलाना चाहूंगा कि यह मेरा सेकंड टर्म है। वापस सरकार हमने बनाई है। हमारे देश में जो पॉलिटिकल परिदृश्य है, उसके विपरीत परिस्थिति में हम लोगों ने फिर से अपनी जगह बनाई है।
इसका मतलब यही समझा जा सकता है कि लोगों का विश्वास है। उम्मीद है हम पर। उन्हें पता है कि मैं शिबू सोरेन का बेटा हूँ| अपने लोगों के साथ धोखा नहीं कर सकता। तथा उन्हें और आज जो हमारी नई पीढ़ी है, नए पीढ़ी की जो डिमांड है, हम कोई भी आज प्लान बना रहे हैं तो हम अपने वहां की जो भावनाएं हैं उसको ध्यान में रखकर प्लान बना रहे हैं। आप देखेंगे कि वैश्विक स्तर में झारखंड के कई लोग हैं। मैं भी दावोस में था, वहां झारखंड के कई लोग थे। आज यूके में हूं, लंदन में हूं, यहां पर कई झारखंड के बच्चे और नौजवान हैं। पूरे देश-दुनिया में झारखंड के लोग पहुंच रहे हैं।
मैं जिस पीढ़ी का नेतृत्व कर रहा हूं। हमारी पुरानी लेगेसी हमारी लेफ्ट हैंड है, नई पीढ़ी हमारी राइट हैंड है, और मैं बीच में हूं। तो मैं चीजों को बैलेंस करते हुए आगे लेकर जा रहा हूं। और यह बात सही है कि कोई भी चीज डेवलपमेंट की है, अगर हम बात करते हैं तो हर एक चीजों में नेगेटिव-पॉजिटिव दोनों एक साथ चलता है। उसका बैलेंस कैसे बनाकर रखें, यही सबसे बड़ी चुनौती है। चीजों को नज़रंदाज़ करने की वजह से चीजें खराब होती हैं और ऐसा नहीं है कि हमारे स्टेट में इंडस्ट्री नहीं है।
एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट इंडस्ट्री हम लोगों के राज्य में है। एचईसी जैसी मदर इंडस्ट्री हमारे राज्य में है। बहुत सारे स्टील इंडस्ट्री हमारे राज्य में शुरू हुए। नई पीढ़ी को हम शिक्षित कर रहे हैं तो उसे रोजगार भी देना है और स्वरोजगार भी। माइंस, मिनरल्स के अलावा हमारे राज्य में नैसर्गिक सुंदरता भी है और जल, जंगल, जमीन को लेकर हमारी जो सोच है, वह भी कैसे संरक्षित रहे, हमारे लिए बहुत जरुरी है। इसे लेकर टूरिज्म पर भी हमारा बहुत ज़्यादा फोकस है।
हमारे गांव में जो बच्चे हैं, आज स्पोर्ट्स में काफी एग्रेसिव ढंग से आगे बढ़ रहे हैं। आपको बताना चाहूंगा कि हमारे खूंटी, सिमडेगा, गुमला से आज वूमेंस हॉकी टीम में लगभग 5 से 6 लड़कियाँ झारखंड से हैं। किसी समय उन्हें एक वक्त का खाना भी नहीं मिलता था| और आज ग्लोबल प्लाटफ़ॉर्ममें वह एक चैंपियन बनकर उभर रही हैं। और हमारे लोगों से जुड़े मामले जैसे ही हमारे संज्ञान में आते हैं, तो तुरंत ही उन सब चीजों पर काम किया जाता है।
अपने राज्य के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हम उन्हें पूरा सहयोग करते हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इसी का हम एक रास्ता तलाशने आए हैं कि किसके साथ हम जाएं, जो हमारे उद्देश्य और लक्ष्य के साथ – एक सतत विकास के तहत आगे बढ़ सके। हमारे राज्य में विभिन्न वर्ग में काम में विविधता है। लेकिन अभी आदिवासी समाज को नया उद्योग चलाने के लिए बहुत आगे आना है। उसके लिए जो संसाधन चाहिए, पैसे चाहिए, वह उनके पास नहीं हैं। इस दिशा में भी हम काम कर रहे हैं।
क्या सरकार प्रवासी/ओसीआई झारखंडियों के लिए एक समर्पित इकाई स्थापित करेगी
6. हेमंत जी, कल्पना जी और झारखंड के माननीय प्रतिनिधियों का यहाँ आना हम प्रवासी झारखंडियों के लिए गर्व की बात है, और हम चाहते हैं कि ऐसे मंच नियमित रूप से आयोजित हों ताकि विदेशों में रह रहे डॉक्टर, पेशेवर और युवा राज्य से जुड़े रह सकें। मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या सरकार प्रवासी/ओसीआई झारखंडियों के लिए एक समर्पित इकाई स्थापित करने पर विचार करेगी? उत्तर: झारखंड ऐतिहासिक रूप से वर्करर्स देने वाला राज्य रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान हमारे लोगों का रहता है। कोविड के दौरान हमें इसकी वास्तविक तस्वीर दिखी, हर साल 20 लाख से अधिक लोग आजीविका के लिए पलायन करते हैं। पलायन स्वयं समस्या नहीं है, समस्या अवसरों की कमी से मजबूरी में पलायन है। कोविड के समय हमने विशेष कदम उठाए। हवाई जहाज़, ट्रेन और बसों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया।
इसी दौरान हमने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों के लिए एक सशक्त प्रवासन नीति बनाई, जिसके बारे में आज राष्ट्रीय स्तर पर बताया भी जाता है। आज किसी भी संकट में, देश या विदेश में, रहने वाले झारखंडियों की सहायता की जाती है। प्रवासी झारखंडी समूहों को संगठित करने की दिशा में हम काम कर रहे हैं, और विदेशों में आप सभी की पहल का हम स्वागत करते हैं। सरकार आपको पूरा सहयोग देगी। झारखंड वैश्विक मंचों पर नया है, लेकिन हमारे लोग सक्षम, परिश्रमी और दृढ़ हैं। आप साथ दीजिए, आने वाले समय में हम जरुर इस दिशा में बढ़ेंगे और अवश्य सफल होंगे। जोहार!
रांची। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी ठंड एवं शीतलहरी की चेतावनी के मद्देनजर रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जिला के सभी स्कूलों को कल 27.12.2025 से 31.12.2025 तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत् राँची जिला अंतर्गत संचालित सभी सरकारी / गैर-सरकारी / निजी विद्यालयों में वर्ग KG से वर्ग 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य दिनांक 27.12.2025 से 31.12.2025 तक स्थगित किया जाता है। विद्यालय प्रबंधन को निदेश दिया गया है कि वे उल्लेखित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। यदि उक्त अवधि में किसी विद्यालय में परीक्षा आयोजित है तो अपने विवेकानुसार विद्यालय में परीक्षा का संचालन करेंगे।
युवक ने लड़की को मारकर स्वयं को मारी गोली, लड़के की मौत, लड़की रिम्स रेफर
खलारी। खलारी थानाक्षेत्र अंतर्गत केडीएच कॉलोनी मैदान गेट के निकट शुक्रवार सुबह युवक ने एक लड़की को गोली मार दी। इसके बाद कॉलोनी स्थित अपने घर आकर अपने सिर में गोली मार लिया। लड़के की वहीं मौत हो गई। लड़की को गंभीर हालत में रिम्स भेजा गया है। घटना सुबह करीब 8.30 बजे की है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। युवक करीब 33 वर्षीय सुनील केवट उर्फ छोटू का कॉलोनी की ही पायल कुमारी (29 साल) से प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। पायल केडीएच स्थित ‘राज चिल्ड्रेन’ स्कूल में पढ़ाती है। शुक्रवार सुबह अपने घर से स्कूल जा रही थी। इसी क्रम में सुनील ने उसे गोली मार दी। गोली लड़की के गर्दन में लगी है। इसके बाद वह अपने घर आया और अपने सिर में गोली मार लिया। वहीं उसकी मौत हो गई। इधर गंभीर रूप से घायल लड़की को पहले सीसीएल सेंट्रल अस्पताल डकरा लाया गया, फिर तत्काल रिम्स रेफर कर दिया गया। लड़का बिलासपुर (छत्तीसगढ़) का रहने वाला था, खलारी में अपने रिश्तदार भाई के घर रहता था। लड़की का पिता सीसीएल कर्मी है। घटना को अंजाम देने से पहले युवक ने एक वीडियो बनाकर एक लोकल ग्रुप में डाला था, जिसमें बताया है कि क्यों गोली मारी। सूचना पाकर पहुंची खलारी थाना पुलिस घटना की जांच में जुटी है।
झारखंड में इस समय ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। सुबह और रात के समय तापमान गिरने लगा है, जिससे ठंड का एहसास अधिक होने लगा है। जबकि दिन में धूप खिली होती है, शाम होते ही ठंडी हवाएं लोगों को सर्दी का अनुभव कराने लगी हैं। भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
रांची में तापमान 15 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में राज्य के तापमान में और गिरावट संभव है। रांची का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। लगभग सभी जिलों में इसी तरह की ठंडी स्थिति अपेक्षित है।
ठंडी हवाओं की दिशा में बदलाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अब हवाओं का रुख उत्तरी दिशा की ओर हो गया है, जो सर्दी के आगमन का संकेत है। आने वाले दिनों में सुबह में हल्की से मध्यम कोहरा की संभावना है, जबकि दिन में मौसम शुष्क और साफ रहेगा। फिलहाल बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है।
पिछले 24 घंटों का मौसम रिपोर्ट
पिछले 24 घंटों में झारखंड के किसी भी जिले में वर्षा नहीं हुई है। राज्य का मौसम ज्यादातर साफ और शुष्क बना हुआ है। अधिकतम तापमान सरायकेला में 32.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ठंड में वृद्धि कब होगी?
मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, 8 नवंबर तक मौसम की यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। 9 नवंबर से ठंड में बढ़ोतरी की उम्मीद है जब उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं झारखंड के अधिकांश क्षेत्रों में सक्रिय होंगी।
रांची: कांके रोड स्थित जतरा टांड़ में होने वाले जतरा आयोजन को लेकर का आज रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने संयुक्त रूप से भ्रमण किया। स्थल पर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया एवं आयोजन समिति के सदस्यों से विस्तृत चर्चा की।
भ्रमण के क्रम में उपायुक्त श्री भजंत्री ने आयोजन स्थल पर सफाई व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, यातायात नियंत्रण, पार्किंग स्थल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अग्निशमन की तैयारी आदि बिंदुओं की समीक्षा की। संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जतरा में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं ससमय सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने समिति के सदस्यों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की तथा जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि जतरा के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को चिन्हित स्थानों पर दायित्व सौंपे जाएंगे। आयोजन समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन को जतरा की पारंपरिक एवं सांस्कृतिक महत्ता से अवगत कराया तथा सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
रांची, झारखंड। राजधानी में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (People’s Liberation Front of India) के नाम पर एक बिल्डर और एक जमीन कारोबारी से 50-50 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया है। धमकी इतनी गंभीर थी कि रकम नहीं देने पर जान से मारने की चेतावनी दी गई। पुलिस ने दोनों घटनाओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला: बिल्डर राजेश कुमार को जान से मारने की धमकी
यह घटना अरगोड़ा थाना क्षेत्र की है। बिल्डर राजेश कुमार, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय संयोजक भी हैं, को 1 सितंबर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर धमकी भरा संदेश मिला।
संदेश में साफ लिखा था कि अगर पांच दिन के भीतर 50 लाख रुपये नहीं दिए गए तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। धमकी मिलने के तुरंत बाद राजेश कुमार ने अरगोड़ा थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मोबाइल नंबर और संदेश की जांच के लिए टेक्निकल सेल को लगाया है।
दूसरा मामला: जमीन कारोबारी दीपक कुमार बने निशाना
इसी तरह का एक और मामला खेलगांव ओपी क्षेत्र से सामने आया है। यहां जमीन कारोबारी दीपक कुमार, जिनका कार्यालय मोराबादी, रांची में है, को धमकी भरे मैसेज मिले।
संदेश में लिखा था कि यदि 50 लाख रुपये नहीं दिए गए तो उनके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। रंगदारी की मांग पीएलएफआई के अमृत होरो के नाम पर की गई। दीपक कुमार ने भी तुरंत पुलिस से शिकायत की और एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
दोनों ही घटनाओं को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
धमकी देने वालों के मोबाइल नंबर और लोकेशन की साइबर सेल से जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रशासन का दावा है कि व्यवसायियों और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बढ़ती वारदातें और व्यापारी वर्ग में चिंता
रांची में पिछले कुछ महीनों में रंगदारी और अपराध के मामले लगातार बढ़े हैं। बिल्डरों और जमीन कारोबारियों को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है।
इन घटनाओं के बाद व्यापारी वर्ग में गहरी चिंता है। उनका कहना है कि अगर नामी लोग भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम कारोबारियों की स्थिति और मुश्किल हो जाएगी।
रांची में पीएलएफआई के नाम पर रंगदारी मांगने के ताजा मामले ने फिर से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाएं बता रही हैं कि अपराधी अब तकनीक का सहारा लेकर धमकी दे रहे हैं। पुलिस के लिए यह चुनौती है कि वह जल्द से जल्द इन मामलों का खुलासा कर व्यापारियों और नागरिकों में विश्वास बहाल करे।
पेट्रोल फेंककर भागा आरोपी, लोगों ने पकड़ने की की कोशिश
रांची: झारखंड की राजधानी में शनिवार को दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात सामने आई। कांके और रातू थाना क्षेत्र के बॉर्डर इलाके में एक मनचले युवक ने एक युवती के चेहरे पर पेट्रोल फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना इलाके के एक चौक पर हुई, जहां आस-पास के लोग कुछ समझ पाते, आरोपी भाग निकला।
पहले फैली एसिड अटैक की अफवाह, अस्पताल में सामने आई सच्चाई
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में अफवाह उड़ी कि लड़की पर एसिड फेंका गया है, जिससे लोग दहशत में आ गए। घायल युवती को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शहर की प्रसिद्ध स्किन विशेषज्ञ डॉ भारती कच्छप ने उसका इलाज किया।
डॉक्टर ने बताया – सिर्फ ऊपरी स्किन लेयर डैमेज
डॉ भारती कच्छप ने स्पष्ट किया कि युवती के चेहरे पर एसिड नहीं, पेट्रोल फेंका गया था। उन्होंने बताया कि इंसानी स्किन के पांच लेयर होते हैं, जिनमें से सबसे ऊपरी लेयर को हल्का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि 1-2 दिन में लड़की पूरी तरह ठीक हो जाएगी और उसकी आंखें पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताई नाराज़गी, दिया सख्त निर्देश
इस घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुस्से में रांची पुलिस को आदेश दिया कि हमलावर किसी भी कीमत पर बचना नहीं चाहिए। उन्होंने साथ ही स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को निर्देश दिया कि युवती को हर संभव बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।
पुलिस जुटी छापेमारी में, आरोपी की तलाश जारी
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही रांची पुलिस एक्शन में आ गई है। पुलिस संदिग्ध की पहचान में जुटी है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी की पहचान करने की कोशिश भी हो रही है।
युवती की हालत स्थिर, जल्द होगी पूरी तरह ठीक
डॉक्टरों के अनुसार युवती को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह घर पर आराम कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती कल तक पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी। इस मामले में CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी को जल्द पकड़ा जा सके।
रांची | 25 जुलाई 2025: झारखंड में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जिलों के लिए अगले 48 घंटों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
क्या है ऑरेंज अलर्ट?
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इसमें तेज बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की आशंका रहती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इन इलाकों में अगले 48 घंटे के दौरान कहीं-कहीं तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
बीते 24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई?
जिला
बारिश (मिमी)
गढ़वा
116 मिमी
गारू (लातेहार)
102.2 मिमी
रांची
57.02 मिमी
लातेहार
57.02 मिमी
चक्रधरपुर
40.01 मिमी
सरायकेला
33.03 मिमी
पूर्वी सिंहभूम
31.04 मिमी
खूंटी
30.01 मिमी
रामगढ़
28.04 मिमी
बोकारो
28.02 मिमी
हजारीबाग
26.06 मिमी
गुमला
20.01 मिमी
अब तक का मानसून रिकॉर्ड कैसा रहा?
1 जून से 24 जुलाई तक झारखंड में कुल बारिश: 660.5 मिमी (यह सामान्य से 52% अधिक है)
रांची में अब तक बारिश: 888.9 मिमी (जो सामान्य से 99% ज्यादा है)
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय होता जा रहा है, जिसका असर झारखंड के कई हिस्सों पर दिख रहा है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, यह सिस्टम ओड़िशा और पश्चिम बंगाल से होते हुए झारखंड में प्रवेश कर रहा है और आगे पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा।
राज्य में तापमान की स्थिति
रांची का तापमान: 31.6°C (सामान्य से 1 डिग्री अधिक)
सबसे गर्म स्थान:चाईबासा (34.4°C)
क्या करें, क्या न करें: भारी बारिश के दौरान सावधानियां
✅ बिजली चमकते वक्त खुले में न जाएं ✅ वज्रपात से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों में रहें ✅ बाढ़ या जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाएं ✅ स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें ❌ नदियों और तालाबों के किनारे न जाएं ❌ बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों
निष्कर्ष:
झारखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय है और आगामी 48 घंटे दक्षिणी जिलों के लिए बेहद अहम हैं। नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है, इसलिए पूरी तैयारी जरूरी है।
राज्यपाल ने न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान को दिलाई शपथ
रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज राज भवन स्थित बिरसा मंडप में न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान को झारखंड राज्य उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ दी। इससे पूर्व राज्य की मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी ने न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान का झारखंड राज्य उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति संबंधी वारंट को पढ़ा तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ० नितिन कुलकर्णी द्वारा मुख्य न्यायाधीश को शपथ ग्रहण हेतु आमंत्रित किया गया।
शपथग्रहण समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, पूर्व न्यायाधीशगण, भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के वरीय अधिकारीगण तथा झारखंड उच्च न्यायालय के पदाधिकारीगण व वरीय अधिवक्तागण उपस्थित थे।
झारखंड में बारिश का दौर जारी, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी ⚡🌧️
झारखंड में मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है, जहां आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 और 10 जुलाई को भी बारिश होने की उम्मीद है, जिससे किसानों और आम जनता को राहत मिलेगी।
बारिश के आंकड़े 📊
सोमवार को डालटनगंज में सबसे अधिक 27.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची में 5.8 मिमी बारिश हुई। इस वर्ष अब तक पूर्वी सिंहभूम में 726.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 138% अधिक है। वहीं, रांची में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से 160% ज्यादा, यानी 683.5 मिमी तक पहुंच गया है।
मौसम की चेतावनी 🌪️
मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना के बारे में भी चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषकर, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए राहत
बारिश की यह स्थिति किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जो इस समय अपनी फसल की बुवाई कर रहे हैं। हालांकि, वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक है।
इस प्रकार, झारखंड में मौसम की गतिविधियों पर नजर रखना आवश्यक है, ताकि सभी लोग सुरक्षित रह सकें और कृषि कार्य में भी कोई बाधा न आए।
Ranchi, 20 मई 2025 — झारखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को शराब घोटाले में शामिल होने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है। चौबे वर्तमान में पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव हैं। इससे पहले वे उत्पाद विभाग के सचिव रह चुके हैं।
आज सुबह लगभग 11 बजे, ACB की टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। कई घंटों की पूछताछ के बाद, शाम होते-होते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रांची सेंट्रल जेल शिफ्ट किया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान हुआ मेडिकल चेकअप
पूछताछ के दौरान चौबे की मेडिकल जांच भी करवाई गई। ACB कार्यालय में मौजूद मेडिकल टीम ने उन्हें पूरी तरह से चेकअप कर “फिट” घोषित किया। इसके तुरंत बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की गई।
2022 की नई शराब नीति से जुड़ा मामला
यह मामला साल 2022 में झारखंड में लागू हुई नई शराब नीति से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस नीति में कुछ बदलाव ऐसे किए गए जिससे छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट को भारी लाभ पहुंचा।
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और व्यापारियों ने मिलकर:
झारखंड में शराब की सप्लाई का ठेका
कामगारों की व्यवस्था
होलोग्राम सिस्टम का ठेका हासिल कर लिया। इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ और अवैध कमाई की गई।
ACB और ED की कार्रवाई
27 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ ACB ने इस घोटाले में FIR दर्ज की थी।
FIR में विनय चौबे सहित 7 लोगों के नाम शामिल हैं।
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज जब्त किए।
FIR में किनके नाम?
7 सितंबर 2024 को विकास कुमार नामक व्यक्ति की शिकायत पर रायपुर में IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज हुई थी। इसमें:
झारखंड के IAS विनय चौबे
छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा का नाम भी शामिल है।
क्या आगे होगा?
छत्तीसगढ़ ACB ने झारखंड सरकार से विनय चौबे और गजेंद्र सिंह के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन की अनुमति मांगी है। आगे की कार्रवाई इसी अनुमति के आधार पर होगी।
झारखंड ने 17 मई 2025 को रांची में आयोजित CyberPeace Jharkhand Esports League 3.0 के ज़रिए एक नया इतिहास रच दिया। यह सिर्फ एक गेमिंग टूर्नामेंट नहीं था, बल्कि एक डिजिटल बदलाव की चिंगारी थी, जो राज्य के युवाओं को साइबर सुरक्षा 🛡️, जिम्मेदार गेमिंग 🎯, और भविष्य के डिजिटल करियर 💼 की ओर ले जा रही है।
इस मंच ने भारत के टैलेंटेड गेमर्स को 2027 में सऊदी अरब के रियाद में होने वाले पहले ओलंपिक ईस्पोर्ट्स टूर्नामेंट 🏆 में भाग लेने की दिशा में तैयार किया।
🏢 आयोजन स्थल और माहौल: एक इमर्सिव डिजिटल अनुभव 🎧
कार्यक्रम का आयोजन डोरंडा, रांची के Level 7, आकाश कॉम्प्लेक्स में हुआ। सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक हज़ारों युवाओं ने भाग लिया और वहां का माहौल जोश और तकनीकी ऊर्जा ⚡ से भर गया।
🎮 मुख्य गेम्स:
FIFA Showdown ⚽ – फुटबॉल प्रेमियों के लिए डिजिटल रोमांच
Garena Free Fire 🔫 – रणनीति, टीम वर्क और रियल टाइम एक्शन का मंच
🧑⚖️ जब मंच पर उतरे झारखंड के डिजिटल हीरो
मुख्य अतिथियों में शामिल थे:
पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार 🧓
महेश पोद्दार ने कहा:
“गेमिंग युवाओं को तकनीकी दृष्टिकोण, साइबर सजगता, और टीम भावना सिखाता है। हमें उन्हें डिजिटल जिम्मेदारी और नैतिकता से लैस करना है।”
🎯 प्रशिक्षण + करियर की राह = गेमिंग का असली लेवल अप 🔝
यह लीग सिर्फ गेम खेलने का मौका नहीं थी, बल्कि प्रतिभागियों को डिजिटल शिक्षा , साइबर सुरक्षा , और कंटेंट क्रिएशन जैसी स्किल्स सिखाने का भी प्लेटफॉर्म था।
🏅 फायदे जिनसे हर खिलाड़ी बना विनर:
मान्यता प्राप्त CyberPeace सर्टिफिकेट 🏆
लाइव स्ट्रीमिंग और यूट्यूब गाइड्स 📺
राष्ट्रीय ईस्पोर्ट्स टीम के लिए चयन अवसर 🇮🇳
प्रोफेशनल ईथिक्स और साइबर अवेयरनेस ट्रेनिंग 💡
☕ CyberPeace Café: एक कप कॉफी के साथ डिजिटल जागरूकता
यह Café सिर्फ कॉफी पीने की जगह नहीं, बल्कि भारत का पहला ऐसा हब है जहां गेमिंग, स्ट्रीमिंग और साइबर सुरक्षा को एक साथ अनुभव किया जा सकता है।
✨ विशेषताएं:
AR/VR अनुभव 🎮🕶️
इंटरेक्टिव साइबर सेफ्टी कोर्नर 🔐
प्रशिक्षण, कॉन्टेंट क्रिएशन और टीम वर्क जोन 👥
ऑर्गेनिक नैतिक कॉफी ☕ + क्रिएटिव माहौल 🎨
🛡️ CyberPeace Foundation: डिजिटल इंडिया का सुरक्षा कवच
CyberPeace Foundation एक अग्रणी संस्था है जो युवाओं को साइबर हमलों से बचने, डिजिटल नैतिकता और जागरूकता फैलाने के लिए काम कर रही है।
🌍 इसके प्रमुख उद्देश्य:
स्कूलों/कॉलेजों में साइबर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स
सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ नीति निर्माण
Ethical Hacking, Cyber Law और डेटा प्राइवेसी वर्कशॉप्स
सोशल मीडिया के लिए जिम्मेदार यूज़ और डिजिटल डिटॉक्स सेशंस
🏟️ ओलंपिक ईस्पोर्ट्स 2027: भारत की नई डिजिटल उम्मीद
2027 में रियाद, सऊदी अरब में होने वाला है दुनिया का पहला ओलंपिक ईस्पोर्ट्स टूर्नामेंट 🎮🏆। भारत को वहां प्रतिनिधित्व देने वाले खिलाड़ियों को चाहिए:
रणनीतिक सोच और गेमिंग स्किल्स
साइबर सुरक्षा और डिजिटल शिष्टाचार
मानसिक संतुलन और जिम्मेदारी
प्रोफेशनल ट्रेनिंग और अभ्यास
CyberPeace Esports League 3.0 इस दिशा में भारत का पहला ठोस कदम है।
🎯 गेमिंग के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को सिखाया गया कि गेमिंग:
रांची में आज आयोजित की गई मॉक ड्रिल के कारण शहर की सड़कों पर गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। विभिन्न इलाकों में फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं की गाड़ियाँ सक्रिय रूप से दौड़ रही हैं। इस स्थिति के चलते कुछ स्थानों पर ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो गई है,जबकि कई मार्गों पर यातायात सामान्य बना हुआ है।
शहरवासियों से अपील 🚦
शहरवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य बनाए रखें और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को सुनिश्चित करना है,जिससे भविष्य में किसी भी संकट का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके।
रांची | 29 अप्रैल 2025 — राजधानी रांची और झारखंड के अन्य जिलों के लोगों के लिए गर्मी से राहत की अच्छी खबर है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले 7 दिनों तक रांची सहित पूरे झारखंड में मौसम ठंडा और आरामदायक बना रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और कई जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे पारा गिरेगा और गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
🌦️ Ranchi का 7 दिन का मौसम पूर्वानुमान (29 अप्रैल से 5 मई 2025 तक)
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार:
अगले 2 से 3 दिनों तक तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी।
तापमान में 4 से 10 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है।
अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा।
बारिश के कारण नमी बढ़ेगी और हवा में ठंडक बनी रहेगी।
🏙️ झारखंड के अन्य जिलों में भी रहेगा राहतभरा मौसम
पलामू, लोहरदगा, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, बोकारो समेत राज्य के कई जिलों में भी बारिश और ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे गर्मी से परेशान जनता को राहत मिलेगी। सोमवार शाम को रांची, चाईबासा और घाटशिला में तेज हवा और बारिश दर्ज की गई थी।
✅ क्या करें और क्या न करें? (Weather Safety Tips)
बाहर निकलते समय छाता और हल्के कपड़े पहनें
तेज बारिश और ओलावृष्टि के समय खुले में ना रहें
बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाएं
मोबाइल में मौसम ऐप अपडेट रखें और अलर्ट्स पर नजर रखें
📌 निष्कर्ष
अगर आप रांची या झारखंड के किसी जिले में हैं, तो यह सप्ताह आपके लिए गर्मी से राहत भरा और ठंडक से भरा हो सकता है। मौसम का यह बदलाव खेतों, किसानों और आम जनता सभी के लिए फायदेमंद रहेगा। यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें।
झारखंड की तपती गर्मी सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि वन्य जीवों को भी प्रभावित कर रही है। लेकिन रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान (ओरमांझी जू) में जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं।
🐘 हाथियों की ठंडी दावत और पानी वाला स्नान
लखी रानी और छोटे सम्राट नाम के हाथियों को अब रोज़ मिल रहा है:
तरबूज, खीरा, चना, गन्ना
बरगद व पीपल के पत्ते
ग्लूकोज मिला ठंडा पानी
उन्हें सुबह-शाम पानी के टैंक में नहलाया जाता है ताकि वे तरोताजा रहें।
🦌 हिरणों से लेकर भालुओं तक, सबको मिल रही स्पेशल डाइट
हिरण, नीलगाय, कृष्ण मृग, चीतल: नियमित भोजन के साथ खीरा
हिमालयन और देसी भालू: दूध, केला, सेब, तरबूज और खीरा
बाघ, शेर, तेंदुआ:
मल्टीविटामिन
ग्लूकोज सप्लिमेंट्स
रेस्ट एरिया में लगे कूलर और जूट पर्दे
❄️ कूलर, पर्दे और ठंडी हवा का इंतज़ाम
सभी मांसाहारी जानवरों के विश्राम कक्षों में:
कूलर लगे हैं
खिड़कियों पर जूट के पर्दे जो पानी से भीगे रहते हैं
इससे पूरे माहौल में बनी रहती है ठंडक
👨⚕️ डॉक्टर की सलाह
चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश साहु के अनुसार:
“गर्म हवाओं की वजह से जानवरों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ग्लूकोज और ताजे फल ज़रूरी हैं।”
🐅 क्यों ज़रूरी हैं ये उपाय?
भीषण गर्मी में जानवरों को ठंडक देना उनके स्वास्थ्य और व्यवहार दोनों के लिए अहम है।
इससे उनकी एनर्जी बनी रहती है, और गर्मी से होने वाली बीमारियों से भी बचाव होता है।
🔍 निष्कर्ष
भगवान बिरसा जैविक उद्यान में जानवरों की गर्मियों में देखभाल का यह तरीका दूसरे चिड़ियाघरों के लिए मिसाल बन सकता है। ऐसे प्रयास न सिर्फ उनकी सेहत के लिए जरूरी हैं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी यह देखने योग्य अनुभव बनते हैं।
सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज हुआ है। मंगलवार, 22 अप्रैल को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का रेट ₹1,00,000 के पार पहुंच गया। सोमवार को यही कीमत ₹96,670 थी। यानी महज़ एक दिन में ₹3,330 की बड़ी छलांग!
🌪️ चांदी का हाल उल्टा रहा चांदी की कीमत ₹342 घटकर ₹95,900 प्रति किलो रह गई है। 28 मार्च को चांदी ₹1,00,934 के उच्चतम स्तर पर थी, लेकिन अब गिरावट देखने को मिल रही है।
📈 सोने में उछाल के पीछे की वजहें
1. ट्रेड वॉर और ग्लोबल मंदी का डर
अमेरिका की नई टैरिफ पॉलिसी से वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ा है। इससे निवेशक अब सोने को एक सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
2. कमजोर होता रुपया
डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। इंपोर्ट महंगा हो जाने से सोने की कीमत भी ऊपर जा रही है। इस साल रुपए में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई है।
3. शादियों का सीजन और गहनों की डिमांड
गहनों की मांग तेज़ हो गई है। मुंबई, दिल्ली, चेन्नई जैसे शहरों में लोग ऊंची कीमतों के बावजूद सोना खरीद रहे हैं क्योंकि यह परंपरा, निवेश और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
🌍 देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमत
शहर
22 कैरेट (₹)
24 कैरेट (₹)
दिल्ली
93,050
1,01,500
मुंबई
92,900
1,01,350
कोलकाता
92,900
1,01,350
चेन्नई
92,900
1,01,350
भोपाल
92,950
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📊 112 दिनों में 23,838 रुपए की बढ़त!
इस साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का रेट ₹76,162 था। 112 दिन में इसमें ₹23,838 का उछाल आया और अब यह ₹1 लाख को पार कर चुका है।
वहीं, चांदी भी ₹86,017 से बढ़कर ₹95,900 पर पहुंच चुकी है – कुल बढ़त ₹9,883 की।
🔮 आगे क्या हो सकता है? जानकारों की राय
गोल्डमैन सैक्स जैसी इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट बैंक का अनुमान है कि इस साल सोना $3,700 प्रति औंस तक जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो भारत में इसका रेट ₹1.10 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
🕰️ सोने का ऐतिहासिक सफर: 88 रुपए से 1 लाख तक
1947 में आज़ादी के समय सोना केवल ₹88.62 प्रति 10 ग्राम था। अब यह 1127 गुना बढ़कर ₹1,00,000 पार कर चुका है। चांदी भी उस समय ₹107 किलो थी, जो अब ₹95,900 हो गई है।
✅ खरीदें सिर्फ हॉलमार्क सर्टिफाइड गोल्ड
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड ही लें। 6 अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification Number) जरूर चेक करें, जो अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे – AZ4524) होता है। इससे सोने की शुद्धता की पुष्टि हो जाती है।
रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) पर एक पुराने भुगतान विवाद में बड़ी कार्रवाई की गई है। कामर्शियल कोर्ट के आदेश पर सोमवार को हटिया के केनरा बैंक में एचईसी का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। कार्रवाई सिविल कोर्ट के नाजिर जीशान इकबाल के नेतृत्व में की गई।
📅 मामला कब और कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद वर्ष 1980 में शुरू हुआ, जब एसजी इंटरप्राइजेज को एचईसी में ऑक्सीजन प्लांट संचालित करने का कार्यादेश मिला था। कंपनी ने ₹5 लाख की सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा की थी, लेकिन एचईसी ने भुगतान नहीं किया।
⚖️ कानूनी प्रक्रिया क्या रही?
साल 2000 में एसजी इंटरप्राइजेज ने आर्बिट्रेटर के समक्ष दावा किया।
आर्बिट्रेटर ने एचईसी को ₹28 लाख चुकाने का आदेश दिया।
एचईसी ने इसे भी नहीं माना, जिसके बाद मामला कामर्शियल कोर्ट पहुंचा।
🧑⚖️ कोर्ट का क्या आदेश आया?
स्पेशल जज चंद्रभानु कुमार की अदालत ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद एचईसी को ब्याज सहित ₹2.85 करोड़ चुकाने का आदेश दिया। इसके बाद एसजी इंटरप्राइजेज की वकील अल्पना अर्मन ने बैंक खाता फ्रीज करने का अनुरोध किया, जिसे कोर्ट ने मंज़ूर कर लिया।
❌ अब क्या होगा?
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब एचईसी के बैंक खातों से कोई लेन-देन संभव नहीं होगा, जब तक कि बकाया राशि का पूरा भुगतान नहीं हो जाता।
📌 यह मामला सरकारी उपक्रमों में अनुशासन और पारदर्शिता की जरूरत को उजागर करता है।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में गर्मी ने अब अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में तापमान में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने खास तौर पर राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में हीटवेव (लू) को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
📊 तापमान की स्थिति (22 अप्रैल 2025 तक):
डाल्टेनगंज: 41.8°C (राज्य में सबसे ज्यादा)
रांची: अधिकतम – 36.8°C, न्यूनतम – 24.6°C
गुमला: न्यूनतम – 22.1°C (राज्य में सबसे कम)
🌐 कहां जारी हुआ अलर्ट? (Jharkhand Weather Update)
मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 26 अप्रैल तक इन जिलों में हीटवेव की आशंका:
देवघर
दुमका
गोड्डा
पाकुड़
जामताड़ा
गिरिडीह
धनबाद
साहेबगंज
इन जिलों में तेज गर्मी और उमस के साथ लू चलने की स्थिति बन सकती है।
🌤️ बारिश का भी रहा असर
पिछले कुछ दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण के कारण हल्की बारिश भी देखने को मिली। सबसे ज्यादा बारिश: पूर्वी सिंहभूम (घोड़ाबांधा) – 9.2 मिमी
झारखंड में गर्मी का कहर अब लोगों पर भारी पड़ने लगा है। डाल्टेनगंज जैसे इलाकों में तापमान 42°C के करीब पहुंच गया है, जबकि कई पूर्वी जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी है। स्वास्थ्य सुरक्षा और सतर्कता इस समय बेहद जरूरी हो गई है।