झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में सीबीआई की जांच
रांची: झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) में सीबीआई ने दबिश दी। इस दौरान सीबीआई की टीम करीब एक घंटे तक कैंपस में रहीं और कुलपति से पूछताछ की। यह जांच धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (DIT) के इंजीनियरिंग छात्रों को परीक्षा से रोके जाने के मामले से संबंधित है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच प्रारंभ की है और रिपोर्ट बंद लिफाफे में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 03 फरवरी को झारखंड हाई कोर्ट में होगी।
सीबीआई जांच में उच्चस्तरीय संदेह
इंजीनियरिंग परीक्षा के विवाद में सीबीआई जांच के दौरान घूस मांगने के संकेत मिले हैं। सीबीआई ने JUT और AICTE (All India Council for Technical Education) की भूमिका की भी जाँच की, जो इस संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद न्यायाधीश राजेश कुमार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई को प्रारंभिक जांच कर 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी मिला था।
कोचिंग संस्थानों पर नई नियमावली
राज्यपाल ने झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक को मंजूरी देकर कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लगाया है। इसके तहत अब कोचिंग संस्थान नियमों का पालन करेंगे। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में सीबीआई ने प्रारंभिक जांच शुरू की है, जिसमें DIT को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नामांकन के लिए मिली अनुमति और कॉलेज के साथ पत्राचार की समीक्षा की जा रही है। इस दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ भी की है।
छात्रों का भविष्य संकट में
JUT द्वारा परीक्षा में शामिल होने की अनुमति न देने के कारण धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने इस मामले को भ्रष्टाचार से संबंधित मानते हुए गंभीरता से लिया। न्यायालय ने इसे ट्रैफिक पुलिस द्वारा NO ENTRY का बोर्ड हटाकर नाजायज वसूली करने जैसा बताया है। AICTE ने भले ही एडमिशन की अनुमति दी हो, लेकिन JUT ने छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी है, जिससे उनके भविष्य पर खतरा मड़रा रहा है।