झारखंड में संसाधनों के उपयोग पर सुदेश महतो का सख्त बयान
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने गुरुवार को राज्य की सरकार पर खनिज संसाधनों के उपयोग और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कड़ा हमला बोला। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार को अन्य मुद्दों के साथ-साथ DMFT फंड और JSSC CGL परीक्षा रद्द होने पर भी घेरा। महतो का कहना है कि झारखंड के खनिज संसाधनों का लाभ सीधे तौर पर राज्य की जनता, विशेषकर खनन प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों तक पहुंचना चाहिए।
खनिज संसाधनों की उचित उपयोगिता
सुदेश महतो ने खनिज क्षेत्रों से मिलने वाले सेस और उसके उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार के MMDR अधिनियम में संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के सेस से संबंधित आदेश का सही ढंग से इस्तेमाल होना चाहिए। उनका मानना है कि झारखंड के खनिज संसाधनों से प्राप्त सेस का सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
संवाद की आवश्यकता
महतो ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव की बजाय संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संवाद के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है और इससे दोनों पक्षों के हितों का संतुलन भी बना रहेगा। महतो के इस बयान ने राज्य के संसाधनों के प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दिया है।