📌 गांडीव लाइव डेस्क:
गंभीर स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही का मामला
पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में यहां डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण कई मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
मरीज का संकट 🚑
जगन्नाथपुर के निवासी श्याम करुवा का 10 वर्षीय बेटा सम्राट करुवा, सोमवार की सुबह छत पर खेलते समय गिरकर चोटिल हो गया। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण वह काफी समय तक वहां पड़ा रहा। मजबूर होकर, परिजनों ने उसे 18 किलोमीटर दूर नोवामुंडी निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
इसी प्रकार, एक अन्य मरीज, जो कोचड़ा गांव से आई थी, मोटरसाइकिल से गिरकर घायल हो गई। उसे भी जगन्नाथपुर केंद्र पर लाया गया, लेकिन इलाज के लिए डॉक्टर न होने के कारण वह तड़पती रही।
डॉक्टरों की अनुपस्थिति
इस घटना के बारे में जानकारी मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी महेंद्र छोटन ने अस्पताल का दौरा किया। वहां जाकर उन्होंने पाया कि सभी डॉक्टर अनुपस्थित थे। चिकित्सा प्रभारी जयंत कुमार ने बताया कि वह छुट्टी पर हैं और अन्य डॉक्टरों के स्थानांतरण की सूचना दी गई थी। हालात यह थे कि अस्पताल परिसर में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था।
प्रशासन को उठाए सवाल ❓
इस स्थिति ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है। सवाल उठ रहा है कि यदि चिकित्सा प्रभारी छुट्टी पर थे, तो क्या कोई अन्य डॉक्टर उनकी जगह नियुक्त किया गया था? यदि नहीं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
स्थानीय निवासियों की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए ताकि आम जनता को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
डीसी के आदेशों की अनदेखी
जिला उपायुक्त चंदन कुमार ने नगर परिषद चुनाव और स्कूल परीक्षाओं को देखते हुए सभी सरकारी छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसके बावजूद, जगन्नाथपुर स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं।
उचित कदम उठाए जाएंगे
जिला के सिविल सर्जन डॉ. भारती गोरेती मिंज ने कहा कि इस मामले में संबंधित डॉक्टर को कारण बताने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य सेवा में गहरी चिंता पैदा करती हैं। लोगों की उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा।