सफल होगा चंद्रयान-3 मिशन, आज चांद पर लहराएगा तिरंगा

रांची| आज भारत का मून मिशन यानी कि ‘चंद्रयान 3’ चांद की सतह पर लैंड करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. बता दें, शाम को चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर लैंड करेगा. इसके साथ ही चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुंचने वाला भारत पहला देश बन जाएगा. जानकारी के लिए आपको बता दें, चंद्रयान-3 का लैंडर-रोवर चंद्रमा पर सिर्फ एक दिन ही अपना काम करेगा. चांद का एक दिन, पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है. भारत के इसरो के इस महत्वाकांक्षी मिशन से देशभर की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं. चंद्रयान-3 ने पूरे देश को एक बार फिर से एक कर दिया है. चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग के लिए लोग मंदिरों में जाकर प्रार्थना कर रहे हैं. तो कहीं मस्जिदों में दुआएं मांगी जा रही है. चंद्रयान-3 को लेकर पूरा देश काफी उत्साहित हैं. 

आपको बता दें, देश का चंद्रमा मिशन यानी ‘चंद्रयान-3’ को चंद्रयान-2 का फॉलोअप मिशन है. चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराना इसका मुख्य उद्देश्य है. बता दें, करीब चार साल बाद एक बार फिर से इसरो चंद्रयान-3 के माध्यम से चांद पर लैंडर और रोवर को दक्षिणी ध्रुव में सोफ्ट लैंडिंग कराने की कोशिश करेगा. इससे पहले 2019 में चंद्रयान-2 लॉन्च किया गया था उस वक्त चांद पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग हो गई थी. इसके ठीक तीन महीने बाद ही अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने इसका मलबा भी ढूंढ लिया था. 

आपको बता दें, मून मिशन ‘चंद्रयान-3’ देश का तीसरा मिशन है जिसे 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया गया था. दक्षिण भारत आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से चंद्रयान-3 को छोड़ा गया था. अब यह करीब 40 दिन बाद लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) आज यानी 23 अगस्त की शाम 6:04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग करेगा.  ‘चंद्रयान-3’ को भेजने के लिए LVM-3 लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया है.

बता दें, चंद्रयान-3 पृथ्वी से निकलने के बाद अपने 40 दिनों की यात्रा के बाद आज चांद पर पहुंचेगा. 14 जुलाई को चंद्रयान-3 को लॉन्च किया गया था. वहीं आज यानी 23 अगस्त को मून मिशन ‘चंद्रयान-3’ चंद्रमा की सतह पर लैंड करेगा. हालांकि आपके दिमाग में कई सवालें आ रहे होंगे कि आखिर 23 अगस्त को लैंडिंग क्यों हो रही है तो आपको बता दें, चंद्रमा में 14 दिन तक दिन (सूरज की रौशनी पड़ती है) और उसके अगले 14 दिन रात रहती है. और अब इस वक्त वहां रात है. वहीं सभी चीजों की गणना करने के बाद इसरो इस नतीजे पर पहुंचा है कि 23 अगस्त से चांद पर दिन होने वाला है. यानी अगले 14 दिन चांद पर सूरज निकलेगा. इस प्रकार जब चंद्रयान की लैंडिंग होगी. तब उस वक्त तब दक्षिणी ध्रुव पर सूरज की रोशनी उपलब्‍ध रहेगी. चंद्रयान-3 का लैंडर और रोवर चांद की सतह पर उतरने के बाद अपने मिशन का अंजाम देने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा. 23 अगस्त से 5 सितंबर के बीच दक्षिणी ध्रुव पर धूप निकलेगी, जिसकी मदद से चंद्रयान का रोवर चार्ज हो सकेगा और अपने मिशन को अंजाम देगा. 

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