चारू मजूमदार ने भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन को नई विचारधारा प्रदान की – शुभेंदु सेन

छात्रों के आक्रोश ने सरकार को दी चुनौती

हाल के दिनों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में बढ़ते भ्रष्टाचार और लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ देशभर में छात्रों और युवाओं का आक्रोश देखने को मिला है। इस आंदोलन ने सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर किया है। यह स्पष्ट है कि संगठित जनसंघर्ष ही जनविरोधी नीतियों का मुकाबला करने की सबसे प्रभावशाली ताकत है।

संघर्षों का एकीकरण

आंदोलन के नेताओं ने आह्वान किया है कि विभिन्न तबकों जैसे किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाएं अपने संघर्षों को एकजुट करें। इस एकता के माध्यम से जनांदोलनों को और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, पार्टी संगठन को सभी स्तरों पर मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

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