CISF ने कोयला चोरों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया, 5 दिन में 428 टन अवैध कोयला बरामद।

झारखंड में कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

झारखंड में कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ अब कार्रवाई केवल कागजी नहीं रह गई है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने हाल ही में एक बड़े अभियान का संचालन किया, जिसने झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कोयला माफियाओं की नींद उड़ा दी है। 4 जुलाई से 8 जुलाई के बीच चलाए गए इस अभियान में 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। साथ ही, चार एफआईआर दर्ज की गईं, एक हाइवा, कोयले से भरा एक ट्रक, 13 से अधिक मोटरसाइकिलें और अवैध खनन में प्रयुक्त उपकरण जब्त किए गए। मौके पर कई लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ खान और खनिज अधिनियम (MMDR Act) के तहत कार्रवाई की गई है।

जीरो कोल लीकेज पहल के तहत कार्रवाई

यह कार्रवाई भारत सरकार की “जीरो कोल लीकेज” पहल के अंतर्गत की गई। MMDR Act की धारा 22, 23बी और 24 के तहत CISF को अवैध खनन, कोयला चोरी, अवैध भंडारण और बिना अनुमति परिवहन के मामलों में सीधे कार्रवाई करने का अधिकार मिला है। इस अभियान में स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और कोल इंडिया की सहायक कंपनियों ने CISF का सहयोग किया।

ड्रोन निगरानी और छापेमारी

इस अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई धनबाद के BCCL क्षेत्रों में की गई। CISF की टीमों ने कतरास, ब्लॉक-2, बसंतीमाता, कुस्तौर, सिजुआ, जियलगोरा, बरोरा, गोविंदपुर और एनटीएसटी इलाकों में लगातार छापेमारी की। पहले खुफिया जानकारी इकट्ठा की गई, इसके बाद ड्रोन से निगरानी की गई, और फिर टीमों ने मौके पर जाकर कार्रवाई की। इस दौरान 319.54 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ, और कोयले से लदा एक ट्रक एवं कई मोटरसाइकिलें जब्त की गईं।

ECL और CCL क्षेत्रों में कार्रवाई

ECL के सीतलपुर क्षेत्र में भी CISF ने राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर-2 ओसीपी, सोनपुर-बाजारी और कुनुस्तोरिया इलाकों में एक साथ कार्रवाई की। यहां केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि कोयला डिपो, धर्मकांटे, परिवहन दस्तावेज और उत्पादन रिकॉर्ड की भी जांच की गई। इस कार्रवाई में 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ और कई वाहनों को जब्त किया गया। जांच के दौरान कुछ चालू खदानों में नियमों का पालन होता पाया गया, जिससे वैध कोयला परिवहन की पुष्टि हुई।

CCL के पिपरवार क्षेत्र में रूटीन चेकिंग के दौरान CISF ने एक हाइवा ट्रक को पकड़ा, जिसमें 13.62 मीट्रिक टन अवैध कोयला छिपाकर ले जाया जा रहा था। इस ट्रक को जब्त कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। करगली क्षेत्र में विशेष अभियान के दौरान भी 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला और सात मोटरसाइकिलें जब्त की गईं।

आगे की योजनाएं

इस पूरे अभियान के दौरान CISF ने खुफिया तंत्र, ड्रोन निगरानी, परिवहन मार्गों की ट्रैकिंग, औचक निरीक्षण, जीपीएस आधारित दस्तावेजीकरण, धर्मकांटों और कोयला डिपो की जांच जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया। CISF का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, उसकी सहायक कंपनियों, राज्य सरकारों और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर अवैध खनन और कोयला चोरी पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। अवैध खनन, भंडारण या परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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