सीएम ने आम जनता की सुरक्षा के लिए 1485 वाहन दिए, दो मंत्री कर रहे हैं इस्तेमाल

झारखंड में पुलिस बल को सौंपे गए 1485 आधुनिक वाहन

13 मार्च को झारखंड के नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा परिसर में एक समारोह में 1,485 आधुनिक पुलिस वाहनों का उद्घाटन किया। इनमें 643 बोलेरो-बी6 भी शामिल हैं, जो पुलिस बल की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार

कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। नए वाहनों के लोकार्पण से पुलिस की गतिशीलता, प्रतिक्रिया क्षमता और क्षेत्रीय निगरानी में सुधार होने की उम्मीद है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक वाहनों की उपलब्धता से पुलिस की कार्यक्षमता में गुणात्मक सुधार होगा, जिससे आम जनता को त्वरित सुरक्षा सेवाएं मिल सकेंगी।

मंत्रियों द्वारा वाहनों का उपयोग

हालांकि इन वाहनों का उद्देश्य आम जनता की सुरक्षा है, रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के जल संसाधन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल हसन और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की अपने काफिलों में इन गाड़ियों का उपयोग कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि जिन वाहनों को जनता की सुरक्षा के लिए सौंपा गया है, उनका उपयोग कुछ मंत्रियों के काफिलों में किया जा रहा है।

वाहनों का वितरण और एचक्यूआरटी की भूमिका

इन 1,485 वाहनों का वितरण जिलावार किया गया है, जिसमें 645 बोलेरो-बी6 शामिल हैं। इनमें से 31 बोलेरो गाड़ियां एचक्यूआरटी (हेडक्वार्टर क्विक रिस्पॉन्स टीम) को दी गई हैं, जो आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहती है। इस टीम के लिए ये वाहन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मंत्रियों के काफिलों में इनका उपयोग होने से पुलिस की आपात स्थितियों में वाहनों की कमी होने की संभावना है।

पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एचक्यूआरटी को वीवीआईपी और वीआईपी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए वाहन देना नियमों के तहत है। हालांकि, उन्होंने कहा कि नैतिक रूप से यह सही नहीं लगता कि जो वाहन आम जनता की सुरक्षा के लिए हैं, उनका उपयोग काफिलों में किया जा रहा है।

सरकार की प्राथमिकता

इस बीच, राज्य के वित्त मंत्री ने अपने काफिले में से सुरक्षाकर्मियों को वापस कर दिया है। जबकि कुछ मंत्री आम जनता के लिए उपलब्ध वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। इन वाहनों का मुख्य उद्देश्य पुलिस को घटनाओं पर समय पर पहुंचने में मदद करना और अपराध पर नियंत्रण पाना है।

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