सीएम हेमंत सोरेन ने 62 CDPO और 237 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा, कुपोषण मुक्त झारखंड के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता जताई।

कुपोषण मुक्त झारखंड के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

झारखंड में कुपोषण की समस्या को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। राज्य में कुपोषण की दर को कम करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना होगा। इस दिशा में सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत है ताकि इनका लाभ दूरदराज के क्षेत्रों में भी पहुँच सके।

दूरदराज क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करें

झारखंड के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन इनका सही तरीके से क्रियान्वयन और पहुँच सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह इन योजनाओं को गांव-गांव तक पहुँचाए और सुनिश्चित करे कि हर परिवार को इनका लाभ मिले। इसके लिए स्थानीय संगठनों और समुदायों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

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