हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश: पंडरा बाजार में चुनावी कार्यता पर रोक
झारखंड के रांची में उच्च न्यायालय ने कृषि उत्पादन बाजार समिति पंडरा में स्ट्रांग रूम के निर्माण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पंडरा बाजार समिति में किसी प्रकार का चुनावी कार्य नहीं किया जाएगा। इस परिसर में न तो मतगणना होगी और न ही स्ट्रांग रूम का निर्माण किया जाएगा।
कोर्ट का निर्णय और याचिका की पृष्ठभूमि
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की पीठ ने यह आदेश सुनाते हुए कहा कि पंडरा मार्केट यार्ड का उपयोग चुनावी कार्यों के लिए निषिद्ध रहेगा। यह याचिका झारखंड चैंबर ऑफ कमर्स द्वारा जनहित में दायर की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निषेचन कर दिया।
राज्य सरकार की लापरवाही पर अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि पिछले छह से सात वर्षों से राज्य सरकार मतगणना के लिए वैकल्पिक स्थान की खोज में जुटी है, लेकिन उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। अदालत ने वर्ष 2018 में पहले ही पंडरा में मतगणना नहीं करने का आदेश दिया था, जिसे अभी तक पालन नहीं किया गया।
अवमानना की चेतावनी और समाधान का निर्देश
अदालत ने यह भी माना कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो यह अवमानना का मामला बन सकता था। हालाँकि, यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है, इसलिए कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई का विचार नहीं किया। राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को मतगणना एवं स्ट्रांग रूम के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने का निर्देश दिया गया है।
निर्मित भवन पर अदालत की प्रतिक्रिया
सरकार ने कोर्ट को बताया कि नगड़ी में ईवीएम रखने के लिए एक भवन का निर्माण किया गया है। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि भवन का निर्माण किया गया है, तो उसे इस प्रकार से बनाया जाना चाहिए था कि वहाँ मतगणना भी संभव हो।
व्यापारिक गतिविधियों पर असर
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि जब चुनाव के दौरान कृषि उत्पादन बाजार समिति में मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम बनाया जाता है, तो वहां की व्यवसायिक गतिविधियाँ ठप हो जाती हैं, जिससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान होता है। याचिका में पहले ही यह कहा गया था कि हाई कोर्ट ने 2019 के बाद से पंडरा परिसर में चुनाव कार्य न कराने का निर्देश दिया था, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया।