झारखंड में कॉर्निया ट्रांसप्लांट सेवाएं बढ़ीं, तीन अस्पतालों को मिला पांच साल का लाइसेंस

झारखंड में अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में कदम

रांची: झारखंड राज्य सरकार ने अंग और ऊतक प्रत्यारोपण सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में ट्रांसप्लांट ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स (संशोधन) एक्ट, 2011 के तहत गठित एडवाइजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के पांच अस्पतालों के पंजीकरण प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई। तकनीकी और कानूनी मानकों की समीक्षा के बाद तीन अस्पतालों को पांच वर्षों के लिए पंजीकरण देने का निर्णय लिया गया।

पंजीकरण के लिए मिली अनुमोदन

बैठक में टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर, आईआरआईएस सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर, रांची, और एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमशेदपुर के प्रस्तावों पर विचार हुआ। टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर और आईआरआईएस सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर, रांची को कॉर्निया ट्रांसप्लांट की अनुमति प्रदान करते हुए पांच वर्षों के लिए पंजीकरण दिया गया। इसके अतिरिक्त, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जमशेदपुर को कॉर्निया ट्रांसप्लांट के साथ-साथ आई बैंक की स्थापना और संचालन की भी स्वीकृति मिली।

दो संस्थानों के प्रस्ताव अस्वीकृत

लोकनायक जयप्रकाश नारायण आई हॉस्पिटल और कोडरमा रोटरी चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रस्तावों को फिलहाल मंजूरी नहीं दी गई। समिति ने पाया कि इन संस्थानों में आवश्यक प्रशिक्षित मानव संसाधन और मशीनों की उपलब्धता मानकों के अनुरूप नहीं थी, जिसके चलते उनका पंजीकरण रोका गया।

दस्तावेजों और सुविधाओं की गहन समीक्षा

बैठक के दौरान सभी अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों, चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता का बारीकी से परीक्षण किया गया। समिति ने यह सुनिश्चित किया कि केवल वे संस्थान पंजीकरण प्राप्त करें जो सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करते हों।

राज्य में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में प्रयास

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण सेवाओं का विस्तार पारदर्शिता, गुणवत्ता, और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप करना है। इसका उद्देश्य झारखंड के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहने देना है, जिससे उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा राज्य में ही मिल सके।

बैठक में उपस्थित सदस्य

इस बैठक में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, रिम्स के हृदय रोग विभाग के प्राध्यापक डॉ. हेमंत नारायण, नेफ्रोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा पंत घोष, नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार, झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता निरूपमा, भीम बिरसा वूमेन्स फाउंडेशन की सरिता पांडेय, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव नारायण सिंह, ध्रुव प्रसाद, उप सचिव सहित अन्य एडवाइजरी कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।

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