चार लेन परियोजना: नामकुम-डोरंडा फोरलेन की लागत 13 साल में 132 करोड़ बढ़ी, मुआवजे के लिए आवंटन बढ़ा।

नामकुम-डोरंडा फोरलेन परियोजना की लागत में वृद्धि

झारखंड में नामकुम से डोरंडा तक की फोरलेन परियोजना की लागत पिछले 13 वर्षों में 132 करोड़ रुपये बढ़कर अब 162.82 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह वृद्धि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद मुआवजे के भुगतान के लिए आवंटन में किए गए बदलाव के कारण हुई है।

मुआवजे के भुगतान के लिए आवंटन में वृद्धि

इस परियोजना के लिए मुआवजे का लंबित भुगतान अब उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बढ़ा दिया गया है। यह निर्णय उन प्रभावित किसानों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने अपनी भूमि के अधिग्रहण के लिए मुआवजे की मांग की थी। सरकार ने इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए संसाधनों का पुनर्निर्धारण किया है, ताकि सभी लाभार्थियों को उचित मुआवजा मिल सके।

परियोजना का महत्व और लाभ

नामकुम-डोरंडा फोरलेन परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात की सुविधा को बढ़ाना और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। बेहतर सड़क परिवहन से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। यह परियोजना न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि सुरक्षा को भी बढ़ाएगी।

भविष्य की योजनाएँ

सरकार ने इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद अन्य सड़क परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, विकास के अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि राज्य में बुनियादी ढांचे का सुधार हो सके। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सभी आवश्यक पहलुओं का पालन किया जाएगा ताकि इस परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।

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