सीपीएम सांसद ने ‘द केरल स्टोरी 2’ पर टिप्पणी की, बैन की मांग नहीं

मुंबई हाल ही में फिल्म केरल स्टोरी 2 को लेकर सियासी बवाल तेज हो गया है। जॉन ब्रिटास ने इसे “प्रोपेगैंडा” करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य चुनाव से पहले सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देना है। हालांकि, उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन नहीं किया।

“थिएटर नहीं, सेप्टिक टैंक में डाल देना चाहिए”

सीपीएम के राज्यसभा सांसद ब्रिटास ने कहा कि यह फिल्म राज्य की सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा, “यह एक प्रोपेगैंडा फिल्म है। इसे देखने के बजाय, लोगों को इसे खारिज कर देना चाहिए।”

पहली फिल्म का भी किया जिक्र

ब्रिटास ने बताया कि पहले भाग The Kerala Story पर भी किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं था, लेकिन उसे व्यापक स्वीकार्यता नहीं मिली। उन्होंने बताया कि फिल्म की सफलता को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया और इसके राजनीतिक उपयोग की बात की।

बीजेपी पर लगाया चुनावी रणनीति का आरोप

ब्रिटास ने इस मुद्दे को भारतीय जनता पार्टी से जोड़ते हुए कहा कि यह राज्य में राजनीतिक आधार बनाने के प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या बीजेपी अपने विवादास्पद मुद्दों पर खुले तौर पर अपनी स्थिति धारण करेगी।

कुछ दृश्यों पर जताई आपत्ति

फिल्म के प्रमोशनल वीडियो में एक दृश्य पर, जिसमें कथित तौर पर एक महिला को बीफ खाने के लिए मजबूर किया गया है, उन्होंने आपत्ति प्रकट की। उनका कहना है कि इससे राज्य की बहुलतावादी संस्कृति का गलत चित्रण किया जा रहा है।

सेंसर प्रक्रिया और सामाजिक असर पर भी सवाल

ब्रिटास ने फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और चेतावनी दी कि ऐसी फिल्मों को जल्द मंजूरी मिलने से समाज में विभाजनकारी बहस को बढ़ावा मिल सकता है। उनका कहना था कि केरल की जागरूक जनता इस तरह के प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी।

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