📌 गांडीव लाइव डेस्क:
झामुमो महासचिव का भाजपा पर आरोप: दोहरे मापदंड की पहचान
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दावोस यात्रा को ‘पर्यटन यात्रा’ कहती है, जबकि अपने ही राज्य की सरकार द्वारा दावोस में लोढ़ा डेवलपर्स के साथ समझौते पर चुप रहती है।
हिमाकत की पराकाष्ठा: भाजपा का दोहरा रवैया
पांडेय ने अपने बयान में भाजपा की नीतियों को दोहराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब हेमंत सोरेन जैसे मुख्यमंत्री वैश्विक मंच पर निवेश लाने के प्रयास करते हैं, तो भाजपा इसे नकारने का प्रयास करती है। वहीं, जब भाजपा के मंत्री दावोस में समझौते करते हैं, तो वह विकास का उदाहरण बन जाता है।
महाराष्ट्र सरकार और लोढ़ा डेवलपर्स का विवाद
विनोद पांडेय ने भाजपा से पूछते हुए कहा कि महाराष्ट्र में लोढ़ा डेवलपर्स के साथ किया गया समझौता क्या दर्शाता है? उन्होंने बताया कि इस कंपनी से चार महीने पहले भी एक एमओयू साइन किया गया था। इसके मालिक मंगल प्रभात लोढ़ा स्वयं भाजपा के मंत्री हैं। पांडेय ने सवाल उठाया कि क्या यह हितों का टकराव नहीं है?
भाजपा की वैश्विक निवेश पर सोच
पांडेय ने भाजपा नेताओं की टिप्पणियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टाटा और इंफोसिस जैसी कंपनियों के निर्णय केवल गली-मोहल्ले की बैठकों में नहीं होते। दावोस जैसे मंच से निवेश का मतलब है वैश्विक रणनीति और लंबी अवधि की साझेदारी। भाजपा को या तो यह समझ नहीं आ रहा है या वे इसे जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं।
झारखंड में MSME और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार ने MSME और स्थानीय उद्योगों के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार किए हैं, जिसके चलते आज झारखंड वैश्विक निवेश मानचित्र पर उभरा है।
सवाल: दावोस में झारखंड का जाना अपराध, महाराष्ट्र का पुण्य?
पांडेय ने सीधा सवाल किया कि अगर दावोस में झारखंड का जाना गलत है, तो महाराष्ट्र का जाना कैसे सही है? उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि पहले अपनी दोहरी नीति और परिवारवाद पर स्पष्टता दें, फिर झारखंड के मुख्यमंत्री पर अवांछित आलोचना करें। झारखंड को अब केवल ट्रोल नहीं, बल्कि एक वैश्विक पहचान चाहिए, और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसी दिशा में कार्य कर रहे हैं।