झारखंड विधानसभा में मैक्लुस्कीगंज मुद्दे पर नोकझोंक, विभाग संबंधी प्रश्न पर बहस शुरू।

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन, मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक हल्की बहस छिड़ गई। विवाद का मुद्दा मैक्लुस्कीगंज को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और वहां चल रहे ईंट-भट्ठों और क्रेशरों से होने वाले प्रदूषण से जुड़ा था। जैसे ही सदन में यह मुद्दा उठाया गया, वातावरण थोड़ी देर के लिए गरम हो गया और चर्चा शुरू हो गई कि इस सवाल का उत्तर किस विभाग को देना चाहिए।

विधायक प्रकाश राम ने उठाया मामला

प्रश्नकाल में विधायक प्रकाश राम ने मैक्लुस्कीगंज के विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और सुंदर स्थान है, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में चल रहे ईंट-भट्ठों और क्रेशरों से प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके लिए الحكومة को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद का स्पष्टीकरण

इस सवाल का उत्तर देते हुए खान विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का मामला उनके विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा पर्यटन विभाग से संबंधित है। खान विभाग केवल क्रेशरों और ईंट-भट्ठों से जुड़े मामलों में जानकारी दे सकता है। मंत्री के इस उत्तर के बाद सदन में एक हल्की बहस प्रारंभ हो गई।

विपक्ष ने सचिवालय की भूमिका पर उठाए सवाल

मंत्री के उत्तर पर विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि यदि सवाल किसी अन्य विभाग से संबंधित है, तो विधानसभा सचिवालय की जिम्मेदारी बनती है कि इस सवाल को सही विभाग तक पहुंचाए। उनका मानना था कि सदस्यों के सवालों का सटीक और स्पष्ट उत्तर मिलना आवश्यक है, इसलिए सवालों को उचित विभाग में भेजा जाना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का सुझाव

इस बीच, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को सदन में आने से पहले पूछे जाने वाले सवालों की तैयारी जरूर करनी चाहिए। अगर मंत्री पहले से होमवर्क कर के आएंगे, तो सदस्यों को संतोषजनक और स्पष्ट उत्तर मिल सकेगा।

सरकार की ओर से राधा कृष्ण किशोर का उत्तर

सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि सभी मंत्री अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस मुद्दे को पर्यटन विभाग को भेजा जा सकता है, ताकि संबंधित विभाग विस्तृत उत्तर दे सके। थोड़ी चर्चा के बाद, सदन की कार्यवाही सामान्य तरीके से फिर से आगे बढ़ने लगी।

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