जमशेदपुर: ईएसआईसी अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग उठी

जमशेदपुर: ईएसआईसी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप

जमशेदपुर: साकची स्थित होटल गंगा रीजेंसी में सोमवार को ब्रजवंदना फाउंडेशन, विभिन्न व्यापारिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान ईएसआईसी गोलमुरी शाखा के कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अवैध धन उगाही और प्रशासनिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए। प्रेस वार्ता में पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई।

शिकायतों का दायरा

ब्रजवंदना फाउंडेशन के अध्यक्ष भास्कर कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 से जुलाई 2026 के बीच इस मामले से संबंधित शिकायतें ईएसआईसी मुख्यालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी), प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति सचिवालय, राज्यपाल, लोकपाल, लोकायुक्त, सीबीआई और राज्य सतर्कता विभाग जैसे कई सक्षम संस्थाओं को भेजी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न स्तरों पर शिकायतों पर संज्ञान लिया गया है।

रिश्वत मांगने के आरोप

प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि ईएसआईसी गोलमुरी शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक सचित कुमार और सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर रवि शंकर द्वारा सर्वे, मेडिकल बिल, परिवार विवरण अपडेट, ईएसआईसी कवरेज और अन्य प्रशासनिक कार्यों के नाम पर रिश्वत की मांग की जाती थी। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक नहीं मिल सका।

भास्कर कुमार का बचाव

भास्कर कुमार ने अपने और अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके परिवार या प्रतिष्ठानों ने ईएसआईसी की किसी योजना का लाभ नियमों के विरुद्ध नहीं लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता को मिलने वाला स्थायी दिव्यांगता लाभ (पीडीबी) तथा कर्मचारियों से जुड़े सभी दावे नियमों के अनुसार स्वीकृत किए गए हैं।

प्रशासनिक प्रताड़ना का आरोप

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें प्रशासनिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है और उनके खिलाफ दर्ज शिकायतें तथ्यहीन हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।

आंदोलन का उद्देश्य

इस प्रेस वार्ता में मौजूद व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनहित की लड़ाई को आगे बढ़ाना है। उन्होंने मांग की कि शिकायतकर्ताओं और गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

मुख्य मांगें

मुख्य मांगों में सभी शिकायतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, शिकायतकर्ताओं एवं गवाहों की सुरक्षा, ईएसआईसी में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था लागू करना, और श्रमिकों तथा नियोक्ताओं को बिना किसी अवैध मांग के समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना शामिल है।

इस दौरान विधायक प्रतिनिधि नीरज सिंह समेत कई व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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