ब्लैकलिस्टेड एजेंसी की परीक्षाओं की जांच की मांग, छात्रों के सत्याग्रह को देवेंद्र नाथ महतो का समर्थन

झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में विवाद गहराया

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों की घोषणा के साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस परीक्षा में एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी की संलिप्तता के आरोप सामने आने के बाद, जांच अब झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) तक पहुंच चुकी है। अब तक, परीक्षा से जुड़े आठ व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण और विवादित तथ्य मिले हैं, जिसके कारण छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

छात्रों का सत्याग्रह धरना

इसी संदर्भ में, छात्रों ने “जेएसएससी-जेपीएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाअभियान” के तहत मोरहाबादी के बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना शुरू किया है। शनिवार को पुलिस और प्रशासन ने धरनास्थल को खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अडिग बने रहे। प्रशासनिक दबाव की सूचना पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने धरने में शामिल होकर उनके अधिकारों की मांग को उचित ठहराया।

राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल

छात्रों का मानना है कि राज्य सरकार की नीतियों में उनके हितों की स्पष्टता नहीं है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। इन घटनाक्रमों ने छात्रों के बीच असंतोष की एक नई लहर पैदा कर दी है।

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