झारखंड में अवैध अफीम खेती पर कार्रवाई, डीजीपी ने की समीक्षा बैठक

झारखंड में अवैध अफीम की खेती पर रोकथाम के लिए समीक्षा बैठक

रांची: झारखंड में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्र ने की।

अफीम प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षक की भागीदारी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य के उन जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए जो अफीम की खेती से प्रभावित हैं, जैसे रांची, चतरा, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी।

2025 में अवैध अफीम की खेती के विनष्टिकरण की समीक्षा

बैठक के दौरान वर्ष 2025 में अवैध अफीम की खेती के विनष्टिकरण से संबंधित आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, 2025-26 के फसली वर्ष में नष्ट की गई जमीन का सत्यापन, दर्ज मामलों की अद्यतन स्थिति और बड़े तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।

अवधारणाएं और निर्देश

बैठक में PIT NDPS अधिनियम के तहत प्रस्तावों की स्थिति, अवैध खेती के खिलाफ चलाए गए जागरूकता अभियानों, किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहन और जिला स्तरीय NCORD बैठकों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अपर पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य निर्देश

बैठक के दौरान प्रमुख निर्देशों में शामिल थे: सैटेलाइट इमेज का उपयोग कर अफीम की खेती वाले क्षेत्रों की पहचान, चिन्हित क्षेत्रों में तत्काल विनष्टिकरण की कार्रवाई, जब्त अफीम का नियमानुसार निपटान, मामलों में ठोस साक्ष्य जुटाकर त्वरित निष्पादन, अवैध खेती करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और आम जनता के बीच जागरूकता अभियानों को तेज करना।

बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि विभिन्न रेंज के डीआईजी और जिलों के एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ें।

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