धनबाद सांसद ढुलू महतो का नया विवाद
धनबाद : धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो के साथ विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर बार एक मामला खत्म होता है, तभी दूसरा विवाद उठ खड़ा होता है। हालिया विवाद धनबाद-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस की महिला बोगी से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर सांसद की एक तस्वीर वायरल होने के बाद विपक्ष ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
धनबाद स्टेशन पर हरी झंडी दिखाने का मामला
जानकारी के अनुसार, 6 अप्रैल की रात करीब 11 बजे, सांसद ढुलू महतो ने धनबाद से मुंबई के बीच चलने वाली धनबाद-एलटीटी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के बाद, सांसद अपने समर्थकों और अंगरक्षकों के साथ उसी ट्रेन से कतरास स्टेशन तक गए। बताया जा रहा है कि ट्रेन के इंजन के पीछे स्थित पहला कोच महिला बोगी था, जिसमें सांसद चढ़ गए और मीडिया से बातचीत भी की।
विपक्ष ने उठाए सवाल
महिला बोगी में सांसद के चढ़ने की तस्वीर सामने आने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कर सांसद पर आलोचना की जा रही है। कांग्रेस नेता ओपी लाल के पुत्र अशोक प्रकाश लाल ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि सांसद ने फोटो खिंचवाने की होड़ में यह भूल गए कि वह महिलाओं के लिए आरक्षित डब्बे में हैं। उन्होंने रेल मंत्री से पूछा कि क्या सांसद पर भारतीय रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 162 के तहत कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
आरपीएफ की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। आरपीएफ ने कहा कि यह जांच की जा रही है कि सांसद किस परिस्थिति में महिला कोच में चढ़े। आरपीएफ ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद धनबाद आरपीएफ पोस्ट द्वारा मामले की जांच की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि सांसद ढुलू महतो ने धनबाद स्टेशन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद कतरास स्टेशन पर भी यही किया। आरपीएफ के अनुसार, जिस कोच में सांसद चढ़े, वह इंजन के निकट था।
महिला बोगी के नियमों पर चर्चा
इस घटना के बाद रेलवे नियमों पर बहस भी तेज हो गई है। महिला बोगी सामान्यतः महिलाओं के लिए आरक्षित होती है और पुरुष यात्रियों को इसमें यात्रा करने की अनुमति नहीं होती है। इस प्रकार, सांसद का महिला बोगी में चढ़ना नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आरपीएफ ने कहा है कि मामले की जांच चल रही है और परिस्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इसे महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन मान रहा है, जबकि सांसद के समर्थक का कहना है कि सांसद केवल कतरास स्टेशन तक हरी झंडी दिखाने के लिए ट्रेन में चढ़े थे, इसलिए इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट पर नजरें
वर्तमान में यह मामला सोशल मीडिया से बढ़कर प्रशासनिक जांच तक पहुँच गया है। अब सभी की नजर आरपीएफ की अंतिम रिपोर्ट और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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