धनबाद की असर्फी अस्पताल में शव का बंधक बनना: मानवता की पराजय
धनबाद के असर्फी अस्पताल में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां सड़क दुघर्टना में मृत व्यक्ति संजीत सिंह का शव अस्पताल द्वारा ₹20,864 के बकाए के लिए बंधक बना लिया गया। इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है, जबकि परिवार वाले अस्पताल के बाहर बिलखते रहे। अस्पताल के प्रबंधन ने बिल्कुल भी सहानुभूति नहीं दिखाई और दरवाजे बंद कर दिए।
दुर्घटना और दुर्भाग्य
जानकारी के अनुसार, झरिया के संजीत सिंह एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। इसके बाद परिवार को अस्पताल की ओर से शव के लिए भुगतान करने की मांग की गई, जबकि परिवार ने पहले ही अपने प्रिय को खो दिया था।
मेयर का मानवता के प्रति दायित्व
जब इस घटना की जानकारी नए मेयर संजीव सिंह को मिली, तो उन्होंने पैर में चोट होने के बावजूद अस्पताल पहुंचकर परिवार का समर्थन किया। उन्होंने अपनी जेब से पैसे निकालकर बकाया चुकाया और शव को परिजनों को सौंपा। साथ में आए जन मजदूर संघ के अमित गुप्ता ने अस्पताल की इस हरकत को घृणित बताया और इसे लूटने का एक तरीका कहा।
कानूनी स्थिति
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि शव का बंधक बनाया जाना पूरी तरह से अवैध है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी स्पष्ट किया है कि ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह सवाल उठता है कि कार्रवाई कब होगी।
मेयर का आश्वासन
मेयर संजीव सिंह ने कहा है कि वे हर दुःख भरे परिवार के साथ खड़े हैं और भविष्य में भी जनहित में कार्य करते रहेंगे।