हजारीबाग में एक अनोखी शादी ने सबका दिल जीता
हजारीबाग में एक ऐसी शादी हुई, जिसने सबकी आंखों में आंसू ला दिए। आपने भव्य शादियों की कई मिसालें देखी होंगी, लेकिन इस शादी ने सभी को भावुक कर दिया। यह सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं था, बल्कि टूटे हुए सपनों और उम्मीदों को फिर से जगाने की कहानी थी।
राजेश का पूजा के लिए फरिश्तापन
केरेडारी प्रखंड के पगार गांव की पूजा कुमारी जन्म से ही दिव्यांग हैं। आंखों की रोशनी न होने के कारण उन्हें जीवन में कई कष्टों का सामना करना पड़ा। समाज के तानों और भविष्य की चिंता ने उनके परिवार को भी परेशान किया। उनके माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि उनकी बेटी का हाथ कौन थामेगा। लेकिन कहते हैं, भगवान देर से ही सही, लेकिन मदद जरूर करता है। बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के कथारा से आए राजेश कुमार ने पूजा की जिंदगी में एक फरिश्ते की तरह प्रवेश किया। उन्होंने समाज की परवाह न करते हुए पूजा को अपनी जीवनसंगिनी बनाने का साहसिक निर्णय लिया। राजेश ने न केवल शादी की, बल्कि पूजा को सम्मान और जीवन जीने की नई वजह भी दी। जब पूजा दुल्हन बनीं, तो वहां मौजूद सभी की आंखों में आंसू थे, और उनके माता-पिता की दुआएं छलक रही थीं।
प्यार की सच्चाई
इस शादी में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी, और सभी ने कहा कि आज भी इंसानियत जिंदा है। पूरे समारोह की व्यवस्था झारखंड मुक्ति मोर्चा के रामा सोनी ने की। जिस बेटी के भविष्य को लेकर उसके माता-पिता चिंता में रहते थे, आज उसी बेटी की विदाई खुशी के आंसुओं के साथ हुई। राजेश ने साबित कर दिया कि प्यार आंखों से नहीं, बल्कि दिल से होता है।