गढ़वा-रामानुजगंज और पड़वा मोड़-छतरपुर फोरलेन परियोजनाओं की DPR अंतिम चरण में, मंजूरी जल्द मिलेगी।

झारखंड के सड़क विकास में चुनौतियाँ

पड़वा मोड़–सीलीदाग–छतरपुर मार्ग का लगभग 22 किलोमीटर लंबा खंड अभी भी दो लेन का बना हुआ है, जो पूरे कॉरिडोर में सबसे बड़ी बाधा साबित हो रहा है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है, जिसके कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इससे यात्रियों को अधिक समय लग रहा है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

परियोजनाओं की प्रगति

हाल ही में हुई एक बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने सांसद को जानकारी दी कि गढ़वा–रामानुजगंज (NH-343) और पड़वा मोड़–सीलीदाग–छतरपुर (NH-139) परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) मंत्रालय द्वारा तैयार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

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