झारखंड के 291 आदिवासी टोलों में पीएम जन–मन योजना से मिलेगा पेयजल

झारखंड में आदिवासी टोलों के लिए नई जलापूर्ति योजनाओं की घोषणा

झारखंड राज्य सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह PVTG के लाभ के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के 11 जिलों में स्थित 291 आदिवासी टोलों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, ‘पीएम-जन मन’ योजना के तहत 320 नई सौर ऊर्जा आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इस 20.98 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति मिली, जिससे 4,603 आदिवासी परिवारों को सीधा लाभ प्राप्त होगा।

सौर ऊर्जा से संचालित जलापूर्ति योजनाएं

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत चिन्हित आदिवासी टोलों में 320 नई सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजनाएं स्थापित की जाएंगी। ये योजनाएं पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होंगी, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में भी बिजली की कमी के बावजूद निरंतर पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

लाभान्वित 11 जिले

कल्याण और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा किए गए संयुक्त सर्वेक्षण के बाद, राज्य के 11 जिलों का चयन इस योजना के लिए किया गया है। संताल परगना के तीन जिले, दुमका, गोड्डा और पाकुड़, इस योजना में शामिल किए गए हैं। मेदिनीनगर क्षेत्र को इस योजना से विशेष लाभ होगा, जहां 129 योजनाएं लागू की जाएंगी। इसके माध्यम से क्षेत्र की 2,040 पीवीटीजी बस्तियों में सीधे पेयजल की उपलब्धता होगी।

वित्तीय व्यवस्था

इस परियोजना के कार्यान्वयन पर अनुमानित लागत लगभग 20.98 करोड़ रुपये होगी। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत की साझेदारी होगी। दोनों सरकारें प्रत्येक 10.49 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराएंगी। ध्यान देने योग्य है कि इस राशि में ऑपरेशन और मेंटेनेंस (ओएंडएम) की लागत शामिल नहीं है।

सर्वेक्षण के निष्कर्ष

केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के निर्देशानुसार, उपायुक्तों की देखरेख में 19 जून 2025 को एक विस्तृत संयुक्त सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण में यह सामने आया कि राज्य में चल रही 320 मौजूदा जलापूर्ति योजनाओं के बावजूद, 11 जिलों के 291 पीवीटीजी टोले अब भी पानी की बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उपायुक्तों से प्राप्त संयुक्त प्रमाण पत्र के आधार पर इस नई कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top