स्वास्थ्य मंत्री की लापरवाही से रक्षक नहीं, जल्लाद की तरह दिखते हैं: भाजपा

झारखंड स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के हालिया बयान पर प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का मुख्य कार्य लोगों के जीवन की रक्षा करना और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना है, न कि असंवेदनशील टिप्पणियां करना। राफिया ने मंत्री के बयान को उनकी मानसिकता का परिचायक बताते हुए कहा कि जब स्वास्थ्य मंत्री अपने कर्तव्यों को भूल जाते हैं, तो वे जनता के लिए रक्षक की बजाय ‘जल्लाद’ के रूप में नजर आते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी पर सवाल

राफिया नाज़ ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री केवल वातानुकूलित कमरों में बैठकर बयानबाजी कर रहे हैं और भाजपा नेताओं को चेतावनी दे रहे हैं कि यदि वे गर्मी में महिला सशक्तिकरण के लिए सड़कों पर उतरेंगे, तो वे उनके ‘अंतिम संस्कार’ कर देंगे। उनके अनुसार, यह बयान न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि संवेदनशील पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है।

राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति

राफिया ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को चरमरा हुआ बताते हुए हालात की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसके अलावा, कई स्थानों पर माता-पिता अपने बच्चों के शव को बोरे में ले जाने को मजबूर हैं, जो कि एक सभ्य समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर चिंता

उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है और कई मामलों में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को खाट पर अस्पताल ले जाने की स्थिति आज भी बनी हुई है, जो सरकार के दावों की असलियत को उजागर करती है।

स्वास्थ्य सेवाओं की कमी

स्वास्थ्य व्यवस्था के आंकड़ों को साझा करते हुए राफिया नाज़ ने बताया कि झारखंड की लगभग 3.5 करोड़ की आबादी के लिए सिर्फ 2800 डॉक्टर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों के 80 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का उपचार प्रभावित हो रहा है। कई अस्पतालों में 560 बेड के लिए केवल 14 नर्स कार्यरत हैं, जो वैश्विक स्वास्थ्य मानकों के विपरीत है। इसके अलावा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (CHC) में संसाधनों की कमी भी बनी हुई है।

महिलाओं की निर्णायक लड़ाई

राफिया नाज़ ने यह भी स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब झारखंड की महिलाएं अन्याय और महिलाओं के खिलाफ सोच के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेंगी और कांग्रेस के राजनीतिक अस्तित्व को समाप्त करने का प्रयास करेंगी। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक और महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री सीमा सिंह भी उपस्थित रहे।

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