एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्था चरमरायी, मरीज परेशान

कर्मियों का कहना एक नहीं 5 महीने का वेतन एक साथ चाहिए, तभी खत्म होगी हड़ताल

बोकारो। पांच माह का बकाये वेतन के बदले मात्र एक माह का वेतन भूगतान कर हड़ताल समाप्त कराने की प्रयास का 108 एंबुलेंस चालकों ने विरोध किया है। कहा है कि जब तक पांच माह का पूरा बकाया वेतन का भूगतान नहीं हो जाता है। तब तक 108 एंबुलेंस के चालकों का हड़ताल जारी रहेगा। 108 एंबुलेंस से जुड़े इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन और चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 9 अगस्त को दूसरे दिन भी जारी है। हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिले भर में चलने वाली 21 एंबुलेंस से हर दिन 200 से अधिक मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जाता था। लेकिन दो दिनों से एंबुलेंस बंद रहने से गंभीर मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। कर्मियों व चालकों ने आज सिविल सर्जन कार्यालय के पास एंबुलेंस खड़ी कर जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि एक नहीं 5 महीने का वेतन एक साथ चाहिए, तभी हड़ताल खत्मक होगी। जानकारी हो कि एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी ने पहले दिन मंगलवार को ही एक माह का वेतन देकर हड़ताल खत्म कराने की कोशिश की थी। जिसे चालकों ने ठुकरा दिया। मंगलवार की शाम रांची से चार नई एंबुलेंस लेकर चालक सदर अस्पताल बोकारो पहुंचे थे। जिन्हें सदर अस्पताल के बाहर ही रोक दिया गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों व चालकों ने कहा कि 5 माह से वेतन बंद रहेने से उनके समक्ष भूखमरी की स्थिति है। वे बिना वेतन के लिए 24 घंटे सेवा दे रहे थे। खुद की परवाह किए बगैर मरीजों की सेवा देते रहे है। वेतन भूगतान के बारे में पूछने पर हर बार सिर्फ आश्वाशन मिलता है। अब दूसरी कंपनी को काम मिल गया है, जो पुराने कर्मियों को हटाने की बात कर रही है। जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नई कंपनी की मनमानी नहीं चलने देंगे। प्रदर्शन में पंकज सिंह, राजेश कुमार महतो, कृष्णा सिंह, लखीराम मुर्मू, महादेव कर्मकार, देवनाथ सिंह, घनश्याम साहू, नरेश प्रजापति, धर्मेंद्र कुमार आदि शामिल थे।

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