सहित 10 के खिलाफ कोर्ट को दिये साक्ष्य
रांची। जमीन घोटाला मामलें में फंसे रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन की मुश्किलें और बढ़ने वाली है। ईडी ने सेना के कब्जे वाली जमीन समेत रांची के अन्य भूखंडों की फर्जी दस्तावेजों के सहारे खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में कोर्ट में अब तक की जांच के आधार पर प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन (पीसी) दाखिल कर दिया है। ईडी ने पीएमएलए (प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष न्यायालय में आज 10 अभियुक्तों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन दाखिल किया है। ईडी के अधिकारी आज दो बंडल दस्तावेज लेकर कोर्ट पहुंचे। पीसी दाखिल होने के बाद विशेष कोर्ट अब इस पर संज्ञान ले सकता है। प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन में ईडी ने कई साक्ष्य और अब की जांच में आरोपियों के विरुद्ध जो तथ्य सामने आए हैं। उसकी पूरी जानकारी दी है। लैंड स्कैम की अब तक की जांच में अमित अग्रवाल और दिलीप घोष से पहले ईडी ने रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, बड़ागाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, कथित रैयत प्रदीप बागची, जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान व मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी होटवार जेल में बंद है।
ईडी की 72 घंटे की रिमांड अवधि पूरी होने पर
अमित और दिलीप घोष गये जेल
रांची। ईडी ने 72 घंटें की रिमांड अवधि पूरी होने पर कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल और दिलीप घोष को कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर दोनों को होटवार जेल भेज दिया गया। बरियातू रोड स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की अवैध तरीके से खरीद बिक्री मामले में ईडी द्वारा 72 घंटे की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल और जगतबंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष को ईडी कोर्ट में आज पेशी हुई। कोर्ट ने इन दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। 9 जून को ईडी के विशेष न्यायाधीश दिनेश राय कोर्ट ने ईडी को इन दोनों से पूछताछ के लिए 72 घंटे के रिमांड की अनुमति दी थी। इन दोनों की गिरफ्तारी 7 जून को देर रात कोलकाता से हुई थी।