साहिबगंज में पत्थरों के अवैध खनन पर ईडी ने कसा शिकंजा

अब तक 45 करोड़ की अवैध पत्थर खान पकड़ी गई

साहिबगंज। अवैध पत्थर खनन व परिवहन की जांच कर रही ईडी की टीम चौथे दिन गुरुवार को भी साहिबगंज में जमी हुई है। टीम आज सुबह मिजार्चौकी पहुंची और ड्रोन कैमरे से खदानों का सर्वे शुरू किया। दुर्गम इलाका होने व नेटवर्क न होने से ईडी के अधिकारियों को थोड़ी परेशानी भी हो रही है। टीम पकड़िया, दामिनभिट्ठा व सुंदरे मौजा की तस्वीर ड्रोन से ले रही है। पैदल ही अधिकारी इन पहाड़ों की खाक छान रहे हैं। ईडी की ओर से जांच और कार्रवाई के बाद जिले के अलग-अलग स्थानों पर लगभग 45 करोड़ रुपयों की अवैध पत्थरों की खान पकड़ी गई है। पिछले तीन दिनों से ईडी टीम की जांच जारी है। ईडी टीम आज चौथे दिन भी माइंस की जांच में जुटी रही। ईडी की जांच के साथ जिले में अवैध पत्थर खनन का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अवैध पत्थर खनन का मामला 1000 करोड़ तक पहुंच सकता है।

इन इलाकों में टिंकल भगत, पतरू सिंह, राजेश जायसवाल, अभिषेक प्रसाद आदि की पत्थर खदान है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद की पत्थर खदान पकड़िया मौजा में है। टीम सबसे पहले टिंकल भगत की पत्थर खदान में पहुंची। वहां की तस्वीर ली। इसके बाद पतरू सिंह की पत्थर खदान पहुंची। ड्रोन से तस्वीर लेने के बाद जरूरत के अनुसार पत्थर खदानों की मापी करायी जाएगी। सूत्रों की मानें तो अभिषेक प्रसाद की पत्थर खदान में अभी पत्थर निकालने का काम शुरू नहीं हो पाया था। अभी उसकी साफ-सफाई ही कराई जा रही थी। वैसे ईडी की जांच-पड़ताल के बाद फिलहाल काम बंद है।

वन क्षेत्र में भी हुआ पत्थर उत्खनन
कई जगह वन क्षेत्र या उससे सटे इलाकों में भी पत्थर उत्खनन की बात ईडी के सामने आई है। सूत्रों ने बताया कि ईडी के पदाधिकारी अवैध माइंस को देख अब हैरत में पड़ गए हैं। सिर्फ दो दिनों की जांच में ईडी को 37.5 मिलियन क्यूबिक फीट पत्थर अवैध तरीके से खनन करने का मामला उनके सामने आये हैं।

अभी और होंगे खुलासे
ईडी के मुताबिक अब तक अनुमानित कीमत 45 करोड़ के अवैध ढंग से पत्थर उत्खनन का खुलासा हुआ है। तीसरे व चौथे दिन की जांच में कितनी अवैध माइंस पकड़ा गईं। इस बात का खुलासा होना अभी बाकी है। ईडी की टीम सुबह से ही मंडरो अंचल के भूतहा समेत आसपास के इलाके में माइंस की जांच में जुटी हुई है।

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