पुतला दहन विवाद: 3 जिलों में 1000 पर FIR, JPSC-JSSC पर BJP-JMM की टकराव।

रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ छात्रों का विरोध

जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली के मुद्दे पर छात्रों के प्रदर्शन ने अब राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। रांची, हजारीबाग और गिरिडीह में हुए पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के चलते लगभग 1000 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 26 लोग नामजद हैं, जबकि कई अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपित किया गया है।

रांची में तीन एफआईआर दर्ज

रांची में कोतवाली और लोअर बाजार थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े 15 व्यक्तियों को नामजद किया गया है, जबकि लगभग 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र में एसडीओ सह मजिस्ट्रेट शिवशंकर पांडेय के बयान पर एफआईआर दर्ज हुई है। इसके अलावा, रातू रोड की अंकिता वर्मा ने मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए सात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराई है। लोअर बाजार थाने में शहबाज आलम ने भी मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में 10 लोगों को नामजद किया है।

गिरिडीह में पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव

गिरिडीह में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी विरोध किया। इस दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों से पुतला छीनने के प्रयास के चलते दोनों पक्षों में झड़प हो गई। गिरिडीह में पुतला दहन को लेकर पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके परिणामस्वरूप 11 नामजद व्यक्तियों समेत 36 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

हजारीबाग में 700 अज्ञात लोगों पर मामला

हजारीबाग में भी प्रदर्शन के दौरान विवाद के बाद बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है। यहां लगभग 700 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है।

भाजपा का सरकार पर आरोप

भाजपा ने आरोप लगाया है कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के साथ हुई मारपीट की घटना पर सरकार को कठोर शब्दों में चेतावनी दी है। भाजपा ने कहा है कि वह संवैधानिक अधिकारों के हनन का विरोध करेगी और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।

झामुमो का जवाब

झामुमो ने भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि आंदोलन में असली छात्र नहीं, बल्कि भाजपा के उपद्रवी शामिल थे। झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि मामले में कोर्ट ने स्टे दिया है और सरकार इस संबंध में 15 दिन में हलफनामा दाखिल करेगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

अन्य थानों में भी स्थिति तनावपूर्ण

रांची के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इस मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने सोशल एक्टिविस्ट अमृता प्रसाद को पूछताछ के लिए महिला थाना बुलाया, जिसके बाद वहां भी विवाद उत्पन्न हो गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रांची विधायक सीपी सिंह और अन्य भाजपा नेता थाने पहुंचे।

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