नेताओं के निजी जीवन पर टिप्पणी पे रोक, चुनाव आयोग की कड़ी चेतावनी

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

भारत के बिहार राज्य में विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिद्वंद्वी पार्टियों और उनके नेताओं के व्यक्तिगत जीवन पर टिप्पणी करने से बचें। खासकर उन पहलुओं की आलोचना नहीं करनी चाहिए जो उनके सार्वजनिक गतिविधियों से संबंधित नहीं हैं।

चुनाव की तिथियां और आचार संहिता

चुनाव के ऐलान के साथ ही बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 6 नवंबर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होने वाली है, और चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी।

सोशल मीडिया पर कड़ी नजर

चुनाव आयोग ने प्रतिद्वंद्वी दलों के खिलाफ संक्रामक या सिंथेटिक वीडियो के प्रयोग पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर साझा की जा रही सामग्री पर आचार संहिता लागू होगी। आयोग ने बिना सत्यापन के तथ्यों के गलत प्रस्तुतिकरण से बचने की सलाह दी है।

निर्वाचन आयोग की कड़ी निगरानी

यह भी बताया गया कि चुनावी माहौल को दूषित करने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी नजर रखी जाएगी। दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने सुनिश्चित किया है कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और स्वतंत्र हो, इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।

अक्सर चुनाव के दौरान विरोधियों पर व्यक्तिगत हमले करने की कोशिश की जाती है, जिससे स्थिति बिगड़ती है और कभी-कभी हिंसा भी फैल सकती है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां से संबंधित एक वीडियो ने सरकार और राजनीति में विवाद उत्पन्न किया था। ऐसे घटनाक्रमों से बचने के लिए निर्वाचन आयोग ने ये कदम उठाए हैं।

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