रांची। नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा निजी मेडिकल कालेजों की 50 प्रतिशत सीटों पर सरकारी मेडिकल कालेजों के समान शुल्क निर्धारित किए जाने के आदेश से झारखंड में भी एमबीबीएस की पढ़ाई करनेवाले मेधावी विद्यार्थियों का बड़ी राहत मिलेगी। राज्य में निजी क्षेत्र के दो मेडिकल कालेजों को इस साल एमबीबीएस में नामांकन की अनुमति मिली है। दोनों मेडिकल कालेजों में इस साल कुल 125 सीटों पर नामांकन होना है। इनमें आधी सीटों पर पढ़ाई करनेवाले विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कालेजों के समान ही शुल्क देना होगा। पलामू स्थित लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कालेज में सौ सीटों पर नामांकन होना है। इस तरह यहां 50 सीटों पर नामांकन लेनेवाले विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कालेजों में लागू शुल्क ही देना होगा, जबकि 50 सीटों पर कालेज स्व निर्धारित शुल्क ले सकेंगे। लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के चार साल के कोर्स के लिए प्रतिवर्ष 10.25 लाख रुपये शिक्षण शुल्क रखा गया है। वहीं, प्रतिवर्ष एक लाख रुपये विकास एवं विविध शुल्क के रूप में देने होंगे। इस तरह, दोनों मिलाकर 11.25 लाख रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है। वहीं, छात्रावास एवं भोजन शुल्क के रूप में दो लाख रुपये प्रतिवर्ष लिए जाएंगे। नामांकन के समय आठ हजार रुपये नामांकन एवं चिकित्सा परीक्षण शुल्क के रूप में एकमुश्त एक बार के लिए देने होंगे। एक बार के लिए ही नामांकन के समय सुरक्षित राशि के तौर पर दो लाख रुपये देने होंगे, जो कोर्स पूरा होने के बाद वापस हो जाएंगे।