सिमडेगा में सर्प जोन का विस्तार, करैत के प्रभाव से बढ़ी चिंता

सिमडेगा में सर्पदंश के मामले बढ़ने से चिंताएं बढ़ी

सिमडेगा जिले में सर्पदंश की घटनाओं में इजाफा देखने को मिला है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। गर्मी और बरसात दोनों मौसमों में विषैले सांपों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। छत्तीसगढ़ के नागलोक क्षेत्र के निकटता के कारण, सिमडेगा में जहरीले सांपों की मौजूदगी अधिक देखी जा रही है। विशेषकर, भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक करैत का खतरा यहां लगातार बढ़ रहा है। जनवरी से लेकर अब तक सर्पदंश के 46 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से समय पर उपचार मिलने के चलते 40 लोगों की जान बचाई जा सकी है।

सर्पदंश के मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता

डॉ. समद ने सर्पदंश के मामलों में जागरूकता की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कई लोग इलाज के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए, उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। डॉ. समद के अनुसार, ऐसे मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, और त्वरित उपचार से मरीज के जीवित रहने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।

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