जामताड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का मामला
जामताड़ा प्रखंड के गोपालपुर पंचायत के शहरबेड़ा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही का एक मामला उजागर हुआ है। एक 40 वर्षीय आदिवासी दिहाड़ी मजदूर, मोनू टुडू, को एंबुलेंस न मिलने के कारण ट्रैक्टर की ट्रॉली पर लिटाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। दुर्भाग्यवश, इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार रात लगभग 8 बजे हुई, जब मोनू की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
ट्रैक्टर पर लादकर अस्पताल पहुँचाए जाने के बावजूद मौत
परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। जब अंततः मोनू को जामताड़ा सदर अस्पताल पहुँचाया गया, तब डॉक्टरों ने त्वरित इलाज शुरू किया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और उपचार के दौरान मोनू टुडू की मृत्यु हो गई। परिवार के सदस्य यह मानते हैं कि यदि उन्हें समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद से परिवार में शोक का माहौल है और परिजनों की स्थिति अत्यंत दुःखद है।