झारखंड पुलिस को वित्त मंत्री की सलाह: अडाणी-एनटीपीसी के लिए काम न करें

झारखंड के वित्त मंत्री का केंद्र सरकार और पुलिस पर हमला

झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने हजारीबाग के बड़कागांव में आयोजित एक जनसभा में झारखंड पुलिस और केंद्र सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस से कहा कि उन्हें अडाणी और एनटीपीसी जैसी कंपनियों की सुरक्षा करने का कार्य बंद करना चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार गरीबों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में उनकी जमीनों को जबरन उद्योगपतियों को नहीं सौंपा जाएगा। उन्होंने पूर्व कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के ध्यान में लाया है, जिसके बाद कांग्रेस की एक टीम जमीन विस्थापन की स्थिति को समझने के लिए जनता के बीच पहुंची है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर वित्त मंत्री की आपत्ति

बड़कागांव के गोंदलपुरा में भूमि अधिग्रहण के तरीकों पर वित्त मंत्री ने गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जनता की वास्तविक सहमति के और बिना उचित आम सभा आयोजित किए, केवल कागजों पर बैठकें दिखाकर मूल्यवान जमीन को अडाणी समूह को सौंपने की योजना बनाई जा रही है। केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार अब जनता की नहीं, बल्कि व्यापारियों, अडाणी और अंबानी की सरकार बन गई है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने उठाएंगे। साथ ही, यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में किसी भी बंद कमरे में होने वाली फर्जी आम सभा को राज्य सरकार मान्यता नहीं देगी। सभी आम सभाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया, सामाजिक संगठनों और जिले के प्रमुख प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी।

झारखंड में कोयला कंपनियों की भूमिका पर वित्त मंत्री की चिंता

जनसभा के दौरान वित्त मंत्री ने झारखंड में कोयला खनन और विस्थापन से जुड़ी आर्थिक और सामाजिक चिंताओं को उठाया। उन्होंने बताया कि झारखंड का क्षेत्रफल बड़ा है, लेकिन लगभग 45 हजार एकड़ जमीन कोयला कंपनियों ने खनन के लिए ले रखी है, जिसमें से लगभग 13 हजार एकड़ पर खनन कार्य चल रहा है। मंत्री ने कंपनियों से सीधा सवाल किया कि उन्होंने झारखंड की संपदा का उपयोग कर राज्य के विकास और वहां के निवासियों के लिए क्या योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि कंपनियां झारखंड की धरती से कोयला निकालकर भारी मुनाफा कमाती हैं, लेकिन उस धन को महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात जैसे अन्य राज्यों में खर्च करती हैं। हेमंत सोरेन की सरकार इस तरह के दोगले व्यवहार को और बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कंपनियां झारखंड में खनन करती हैं, तो उन्हें इसी प्रदेश में बड़े अस्पताल, विश्वविद्यालय और विकास कार्यों का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि झामुमो, कांग्रेस और राजद का गठबंधन गरीबों के अधिकारों की रक्षा करेगा और राहुल गांधी के निर्देशानुसार आगे की ठोस कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top