
भाजपा के हल्ला बोल कार्यक्रम में शामिल हुए झारखंड के तीन पूर्व मुख्यमंत्री समेत 40 भाजपा कार्यकर्ताओं व हजारों अज्ञात लोगों के खिलाफ रांची के धुर्वा थाने में नामजद एफआईआर दर्ज किया गया है. इनके खिलाफ उपद्रव करने, दंगा भड़काने, सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, अपराध के लिए उकसाने व दूसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी हुई है. धारा-147, 148,188,353, 332,109, 427 आईपीसी के तहत आरोपी बनाया गया है.

एफआईआर में नामजद आरोपियों में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, रांची के सांसद संजय सेठ, चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह, राज्यसभा सांसद समीर उरांव, सांसद निशिकांत दुबे, विधायक अमित मंडल, विधायक ढुलू महतो, आरती कुजूर, प्रदीप मुखर्जी, शत्रुघ्न सिंह, अनिता सोरेन, मुनचुन राय, उमेश यादव, वीरेंद्र यादव, ललित ओझा, केके गुप्ता, कुलवंत सिंह बंटी, गुंजन यादव, अमित कुमार, विकास कुमार पांडे, दिलीप कुमार सिंह, कुमकुम देवी, कामेश्वर सिंह, अमित भैया उर्फ अमित कुमार, कमलेश राम, नीलम चौधरी, साधु मांझी और विमल मरांडी शामिल
आपको बता दें कि 11 अप्रैल को झारखंड विधानसभा के घेराव कार्यक्रम के तहत सचिवालय की ओर मार्च कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई थी. खनिज समृद्ध राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था, मौजूदा भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की उच्च दर के विरोध में भाजपा की ओर से इस इस मार्च का आयोजन किया गया था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया था।

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