पूर्णमासी राम का निधन: झारखंड में शोक की लहर
रांची: झारखंड के राजनीतिक पटल पर एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है। बगहा के पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णमासी राम का निधन हो गया है। वे बुधवार को रांची के रूबन अस्पताल में बीमार होने के कारण अंतिम सांस ली।
स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन
पूर्णमासी राम काफी समय से सांस की समस्या से जूझ रहे थे। उनके निधन के बाद राजनीतिक मंचों पर शोक और संवेदना व्यक्त की जा रही है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को सुबह 11 बजे नरैनाघाट पर किया जाएगा।
जीवन परिचय और राजनीतिक सफर
पूर्णमासी राम का जन्म 5 जनवरी 1950 को पश्चिम चंपारण के नराईपुर गांव में एक दलित परिवार में हुआ था। वे एक प्रभावशाली दलित नेता के रूप में जाने जाते थे और विधानसभा से लेकर संसद तक अपनी पहुंच बनाई थी।
राजनीतिक उपलब्धियाँ
पूर्णमासी राम की पहचान एक मजबूत नेता के रूप में रही है। उन्होंने बगहा से 5 बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया और लालू यादव की सरकार में मंत्री रहे। इसके अलावा, 2009 में वे गोपालगंज से सांसद भी बने थे। उनके योगदान और संघर्ष ने अनेक लोगों को प्रेरित किया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
उनके निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। झारखंड में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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