पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस से 3 साल के लिए निकाला, सीएम पर टिप्पणी पर कार्रवाई।

रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की अनुशासन समिति ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संगठन के अनुशासन को बनाए रखने के लिए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से तीन वर्षों के लिए निकाला गया है। इस फैसले की जानकारी प्रदेश मीडिया विभाग के सतीश पॉल मुंजानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से साझा की।

सोशल मीडिया पर दिए गए विवादास्पद बयान

अनुशासन समिति के अनुसार, योगेंद्र साव बार-बार सोशल मीडिया पर गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने फेसबुक लाइव पर सरकार को लेकर कई विवादित बयान दिए, जिसे पार्टी ने गंभीरता से लिया।

पार्टी की छवि पर प्रभाव

कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है। विशेष रूप से ऐसे समय में, जब कांग्रेस खुद राज्य की गठबंधन सरकार का हिस्सा है। इस तरह के बयानों को संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना गया है।

नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

अनुशासन समिति ने इसे पार्टी के नियमों का उल्लंघन माना है। खासकर अनुशासनात्मक नियमों की धारा 04 (क), (ख) और (ड़) के तहत यह कदम उठाया गया है। इसी कारण योगेंद्र साव की प्राथमिक सदस्यता को तीन वर्षों के लिए समाप्त कर दिया गया है।

अनुशासन पर कड़ा संदेश

कांग्रेस का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी अनुशासन के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगी। इस कार्रवाई से झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, और अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि योगेंद्र साव आगे क्या कदम उठाते हैं।

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