गौतम मेनन ने करोड़ों की अधूरी फिल्म पर हाई कोर्ट के निर्देश जारी किए

गौतम मेनन को मद्रास हाईकोर्ट से मिला कानूनी झटका

डेस्क। मशहूर फिल्म निर्माता गौतम वासुदेव मेनन को हाल ही में मद्रास हाईकोर्ट से एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। कोर्ट ने सोमवार को मेनन और उनकी प्रोडक्शन कंपनी फोटॉन फैक्ट्री की अपील को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि मेनन को प्रोडक्शन कंपनी आरएस इंफोटेनमेंट को 4.25 करोड़ रुपये और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लौटाना होगा।

फिल्म निर्माण का समझौता और विवाद

इस विवाद की जड़ 2008 में है, जब गौतम मेनन की कंपनी फोटॉन फैक्ट्री और आरएस इंफोटेनमेंट के बीच एक नई फिल्म बनाने का समझौता हुआ था। आरएस इंफोटेनमेंट ने फिल्म के लिए 4.25 करोड़ रुपये की राशि पहले ही दे दी थी। लेकिन फिल्म का निर्माण कभी शुरू नहीं हो सका, जिसके चलते आरएस इंफोटेनमेंट ने पैसे वापस मांगे और अदालत का दरवाजा खटखटाया।

कोर्ट का फैसला और अपील की तैयारी

सिंगल जज ने 2022 में फैसला सुनाते हुए कहा था कि गौतम मेनन और उनकी कंपनी को यह राशि वापस करनी चाहिए। हाल ही में, दो जजों की बेंच ने भी इसी निर्णय को स्वीकार किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पैसे मिलने के बावजूद फिल्म का निर्माण नहीं हुआ, इसलिए मेनन को यह राशि लौटानी होगी। मेनन की टीम ने कोर्ट में दस्तावेजों और चार्टर्ड अकाउंटेंट का सर्टिफिकेट पेश किया, जिसमें दावा किया गया कि पैसे फिल्म से संबंधित वैध गतिविधियों पर खर्च किए गए थे। लेकिन कोर्ट ने इस दावे को अस्वीकार कर दिया है।

आरएस इंफोटेनमेंट की भूमिका

आरएस इंफोटेनमेंट एक प्रमुख प्रोडक्शन कंपनी है, जो तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों का निर्माण और वितरण करती है। इसने गौतम मेनन की कुछ चर्चित फिल्मों जैसे ‘विन्नैथांडी वरुवाया’ और ‘विदुथलाई पार्ट 1’ तथा पार्ट 2 का भी निर्माण किया है। अब गौतम मेनन की टीम सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है।

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