📌 गांडीव लाइव डेस्क:
बोकारो में जंगली हाथियों के आंतक से 2 की मौत, 4 घायल
झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया क्षेत्र में जंगली हाथियों के एक समूह द्वारा की गई एक दर्दनाक घटना ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस incident में दो निर्दोष व्यक्तियों की जान चली गई है और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती गंभीरता को एक बार फिर से उजागर करती है।
मुख्यमंत्री का त्वरित संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मंत्री योगेंद्र महतो तुरंत सक्रिय हो गए। दोनों मंत्रियों ने रिम्स अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी मरीजों को उत्तम उपचार प्रदान किया जाए। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सकों का कहना है कि चार बच्चे और एक महिला अब खतरे से बाहर हैं और उनका उपचार जारी है।
पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना
मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ है। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मृतकों के परिजनों को एक सप्ताह के भीतर 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि घायलों के पूरे इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि “किसी भी परिवार के दुख की सही भरपाई संभव नहीं है, लेकिन हमारी कोशिश है कि हर संभव मदद की जाए।”
हाथियों के बढ़ते प्रकोप पर चिंता
मंत्रियों ने हाथियों के बढ़ते प्रकोप पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि यह मानव और प्रकृति के बीच बिगड़ते संतुलन का संकेत है। उन्होंने कहा कि जंगलों का सिकुड़ना, मानवीय विस्तार, और संसाधनों की कमी जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि मानवीय संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती
मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि वे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं और हमेशा जनता के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने घायलों को उचित चिकित्सा प्रदान करने और प्रभावित परिवारों को सहायता देने का आश्वासन दिया। पत्रकारों से बातचीत में, दोनों मंत्रियों ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बल देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने रिम्स के विस्तार और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया और रिम्स-2 की आवश्यकता पर जल्द निर्णय की उम्मीद जताई। विपक्ष से सकारात्मक सुझाव देने की भी अपील की गई है।