विधानसभा से आज झारखंड उत्पाद संशोधन विधेयक 2022 पारित हुआ. इस विधेयक पर माले विधायक बिनोद सिंह और लंबोदर महतो ने सवाल खड़ा किया और विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की. विनोद सिंह ने कहा, अवैध व मिलावटी शराब पीने से मरने वालों को 5 से 10 लाख का मुआवजा न्यायालय से मिलेगा, जो सही नहीं है. 20 लीटर से कम शराब बनाने वालो को जो अधिकारी पकड़ते हैं, वैसे विवेक के अनुसार उस व्यक्ति को छोड़ सकते हैं या जेल भेज सकते हैं. ऐसे में वे बारगेनिग करेंगे. मेरी मांग है, एक न्यूनतम राशि तय कीजिए.डॉक्टर लंबोदर महतो ने पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर प्रवर समिति को भेजने का आग्रह किया.कहा कि शराब दुकानों में काम करनेवाले कर्मियों को 3 महीने से मानदेय नहीं मिला है.
प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह विधेयक यह विधेयक शराब व्यवसाय से जुड़े लोगों को इनोसेंट लोगों को बचाने के लिए लाया गया है. इस विधेयक के संशोधन से राज्य में गलत तरीके से शराब बनाने पर भी लगाम लगेगी.
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