हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के भारत मैच पर बॉयकॉट की आलोचना की

नई दिल्ली: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पूर्व भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान सरकार ने टूर्नामेंट में भाग लेने की शर्तों के साथ मंजूरी दी, लेकिन भारत के खिलाफ खेलने से मना कर दिया है। इस पर पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं और पाकिस्तान की नीति पर सवाल खड़े किए हैं।

हरभजन सिंह की आलोचना

हरभजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर पाकिस्तान के इस फैसले को अनावश्यक ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान केवल इसीलिए खेलना चाहती है, ताकि यह दिखा सके कि वह बांग्लादेश का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा करना बेतुका है। उनके अनुसार, यह सिर्फ जनता को गुमराह करने और अपने आप को सही साबित करने की कोशिश है।

फैंस की इच्छाओं का उपेक्षा

पूर्व स्पिनर ने यह भी उठाया कि पाकिस्तान ने अपने क्रिकेट प्रशंसकों की भावनाओं का ध्यान क्यों नहीं रखा। भारत-पाकिस्तान मैच देखने की चाह दोनों देशों के फैंस में होती है। हरभजन के अनुसार, राजनीतिक संदेश भेजने के लिए फैंस की भावनाओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

एशिया कप का संदर्भ

हरभजन ने एशिया कप का जिक्र करते हुए कहा कि जब व्यावसायिक लाभ की बात आती है, तब मैच खेले जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि खेलना नहीं था, तो पहले से मना क्यों नहीं किया गया। तटस्थ स्थान पर खेल के आयोजन से पीछे हटना इस बात का प्रमाण है कि उनके मानदंड दोगुने हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि पिछले एशिया कप में देशभक्ति का क्या हुआ था।

भविष्य की चेतावनियाँ

हरभजन ने चिंता व्यक्त की कि पाकिस्तान पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। उनके अनुसार, आगे चलकर आईसीसी टूर्नामेंट की मेज़बानी का मौका भी खो सकता है। उन्होंने अपनी बात को तीखी चेतावनी के साथ समाप्त किया, यह कहते हुए कि देखना यह है कि क्या पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रह सकेगा या यह सिर्फ एक तुक्का है।

आईसीसी की स्थिति

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा पहले से वेन्यू के मुद्दे पर विवाद चल रहा था। पाकिस्तान की टीम भारत में मैच खेलने के लिए सहमत नहीं थी, इसके बाद वेन्यू में बदलाव किया गया। अब पाकिस्तान सरकार ने इस टूर्नामेंट में शामिल होने की अनुमति दी है, लेकिन भारत के खिलाफ खेलने से रोका है। भारत और पाकिस्तान का मैच 15 फरवरी को कोलंबो में होना है।

आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच आधिकारिक वार्ता की प्रतीक्षा की जा रही है। आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रीय नीतियों के मामलों में सरकारी हस्तक्षेप का सम्मान करते हुए इस मामले को समझा जाएगा, लेकिन यह वैश्विक खेल आयोजनों के मूल सिद्धांतों के साथ मेल नहीं खाता।

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