सिविल सर्जन रहते हुए नर्सिंग होम को की मदद, अब 7 साल भरेंगे जुर्माना

पूर्व सीएस डॉक्टर गोपाल दास ने चक्रवर्ती नसिंग होम को कई प्रकार की मदद की थी

धनबाद। धनबाद में सिविल सर्जन रहते हुए डॉक्‍टर गोपाल दास एक निजी नर्सिंग होम को खूब मदद करते थे, अब वह रिटायर हो गये है। यह मामला पकड़ में आने के बाद विभाग ने डॉक्टर गोपाल दास पर सात वर्षों तक जुर्माना भरने का आदेश दे दिया है। हर माह उनकी पेंशन का 20 प्रतिशत हिस्सा जुर्माने के तौर पर काट लिया जाएगा। इस संबंध में मुख्यालय ने धनबाद के वर्तमान सिविल सर्जन को पत्र भेजकर निर्देशों का पालन करने को कहा है। पत्र आने के बाद सिविल सर्जन कार्यालय में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि पूर्व सिविल सर्जन डॉक्‍टर गोपाल के अलावा कई और अधिकारी व कर्मचारी भी इस नर्सिंग होम को मदद करने में शामिल थे। इन सब की भी जांच चल रही है। डॉक्‍टर गोपाल को धनसार स्थित चक्रवर्ती नर्सिंग होम को गैरवाजिब तरीके से मदद करने का दोषी पाया गया है। इस शिकायत पर सिविल सर्जन डॉक्टर गोपाल दास से दो बार स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। लेकिन उनके जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं था। डॉक्‍टर गोपाल के ही कार्यकाल में चक्रवर्ती नर्सिंग होम को दो माह के लिए बंद करने का आदेश हुआ। लेकिन दो माह बाद सिविल सर्जन के स्‍तर से क्लीन चिट मिलने पर नर्सिंग होम खोल दिया गया। सिविल सर्जन डॉ गोपाल दास से एक बार फिर 20 जुलाई 2021 तक जवाब मांगा गया। इस बार भी जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इस वजह से विभाग ने डॉक्‍टर गोपाल दास पर लगे आरोप सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने, तथ्यों एवं साक्ष्‍यों को छिपाकर व नजरअंदाज कर चक्रवर्ती नसिंग होम को क्लीनचिट देने को सही माना है। मामले में झारखंड पेंशन नियमावली के तहत उनकी पेंशन की राशि से 20 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दे दिया गया।

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