घाटशिला उपचुनाव से पहले हेमंत सोरेन ने बुलाई बैठक

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

घाटशिला में उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 11 नवंबर को मतदान की तिथि निर्धारित की है। इस चुनाव के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जो कि बिहार विधानसभा चुनाव के साथ आएंगे। ये उपचुनाव पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद हो रहा है, और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।

हेमंत सोरेन की पार्टी की बैठक

मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने 15 अक्टूबर को पार्टी की बैठक बुलाई है। यह बैठक हरमू स्थित सोहराई भवन में सुबह 11 बजे होगी, जिसमें केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में घाटशिला उपचुनाव, बिहार विधानसभा चुनाव और पार्टी के संगठनात्मक स्थिति के बारे में चर्चा होगी।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

इस उपचुनाव में सिर्फ बीजेपी और जेएमएम आमने-सामने नहीं हैं, बल्कि यहाँ मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर है। यह उपचुनाव हेमंत सोरेन के दूसरे कार्यकाल का पहला चुनाव है, इसलिए इसे सरकार की विश्वसनीयता से जोड़ा जा रहा है। संभावित उम्मीदवारों में दिवंगत रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन और बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन शामिल हो सकते हैं।

जयराम महतो का संभावित प्रभाव

इस चुनाव में जयराम महतो की राजनीतिक स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। उनकी पार्टी जेएलकेएम ने 2024 के विधानसभा चुनाव में भाग लिया था और उनके उम्मीदवार को लगभग आठ हजार वोट मिले थे। अब यह देखना होगा कि वे इस उपचुनाव में अपने उम्मीदवार को प्रस्तुत करते हैं या नहीं।

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