खनिज के बजाय झारखंड को टूरिज्म, स्पोर्ट्स और एजुकेशन में आगे बढ़ाने की सोच: हेमंत सोरेन

खनिज नहीं झारखंड का फोकस ; टूरिज्म, स्पोर्ट्स और एजुकेशन के लिए जाना जाएगा, आक्सफोर्ड के ब्लावातनिक कॉलेज में बोले हेमंत सोरेन

रांची: ऑक्सफोर्ड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरन का विचार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने 23 जनवरी को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावातनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में झारखंड के विकास पर अपने विचार साझा किए। यह स्कूल सार्वजनिक नीति, शासन, और नेतृत्व के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख संस्थान है, जो नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं को एकजुट करता है। इस संवाद में प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर ने मुख्यमंत्री से सवाल किए।

झारखंड की विविधता

प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर: “झारखंड राज्य के विकास पर आपकी सोच क्या है? यह राज्य अपने वनों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ जन-आंदोलनों का इतिहास भी रहा है।”

हेमंत सोरन: “गुड ईवनिंग! झारखंड, भारत का एक युवा राज्य है, जो 2000 में अस्तित्व में आया था। इस वर्ष हमारी राज्य की 25वीं वर्षगांठ है। यह एक अवसर है celebrar होते हुए बताने का कि हमारे राज्य की बड़ी विविधता है।”

विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की भागीदारी

झारखंड ने निवेश के लिए बाहर कदम बढ़ाया है। यह पहली बार है जब झारखंड ने विश्व आर्थिक मंच में प्रतिनिधित्व किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी बड़ी विरासत है, हमारे जयपाल सिंह मुंडा, जिन्होंने अपने समय में इस विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण समय बिताया था। हमारी सरकार उस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।”

नए विकास के क्षेत्र

हेमंत सोरन: “हमारा ध्यान अब खनिजों से हटकर पर्यटन, खेल, और शिक्षा की ओर है।”
“हम आदिवासी समुदाय के विकास पर भी ध्यान दे रहे हैं ताकि वे भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकें।”

राजनीतिक संबंधों में चुनौतियाँ

प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर: “आपका राज्य अक्सर केंद्र सरकार के विपक्ष में रहा है। इसे आप कैसे देखते हैं?”

हेमंत सोरन: “यह एक चुनौती है, लेकिन मैं इसे फेडरल स्ट्रक्चर के खूबसूरत मॉडल के रूप में देखता हूँ।”

जयपाल मुंडा स्कॉलरशिप

प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर: “इस स्कॉलरशिप में सामान्य वर्ग और स्नातक विद्यार्थियों को क्यों शामिल नहीं किया गया?”

हेमंत सोरन: “हमारे प्रयास हैं कि सभी वर्ग के विद्यार्थियों को अवसर मिले। अभी हम सीमित संख्या में शुरू कर रहे हैं लेकिन भविष्य में इसे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।”

प्रवासी झारखंडियों के लिए योजना

प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर: “क्या सरकार प्रवासी झारखंडियों के लिए एक समर्पित इकाई स्थापित करेगी?”

हेमंत सोरन: “हम प्रवासी समुदाय को संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं। और कोविड के दौरान हम ने विशेष कदम उठाए थे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के लोग सक्षम और मेहनती हैं, और सरकार उनके साथ सहयोग देने के लिए तैयार है।

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