गोड्डा: गोड्डा जिला प्रशासन ने सुंदरपहाड़ी प्रखंड में जीतपुर खनन परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि के एवार्डियों को मुआवजा राशि प्रदान करने की प्रक्रिया शुक्रवार से औपचारिक रूप से आरंभ की। यह शिविर टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की कोल माइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ओबी डंप, पुनर्वास स्थल और कोयला परिवहन सड़क निर्माण से प्रभावित रैयतों के लिए लगाया गया है। सुंदरपहाड़ी अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित इस शिविर के पहले दिन 150 से अधिक स्थानीय निवासी शामिल हुए। जीतपुर, कैरोजोड़ी बड़ा, पहाड़पुर और सुंदरपहाड़ी मौजा के एवार्डियों ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिसके बाद मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
शिविर के व्यवस्थित संचालन के लिए अंचल कार्यालय में बैठने, कागजी कार्यवाही और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारी पहले से की गई थी। मौके पर तैनात राजस्व कर्मचारी और अंचल निरीक्षकों ने रैयतों की पहचान की पुष्टि करते हुए दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया को पूरा करने में मदद की। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के निर्देशानुसार सभी प्रभावित रैयतों ने क्षतिपूर्ति बंधपत्र और अन्य जरूरी कागजात जमा किए। शिविर के दौरान टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना प्रमुख रितेश तिवारी और कंपनी के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने रैयतों से प्राप्त क्षतिपूर्ति बंधपत्रों पर हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी की। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुंदरपहाड़ी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि शिविर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
शनिवार को भी लगेगा शिविर
जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुआवजा वितरण से संबंधित यह शिविर शनिवार 25 अप्रैल को भी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक जारी रहेगा। प्रशासन ने शेष बचे रैयतों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय पर अंचल कार्यालय पहुंचकर अपनी मुआवजा प्रक्रिया पूरी कर लें। इस दौरान जिला भू-अर्जन कार्यालय के बड़ा बाबू राकेश झा, अनुसेवक राजकुमार मोदी, लिपिक निकेश राज, कर्मचारी श्वेता कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। वहीं, सीओ कार्यालय से सर्किल इंस्पेक्टर शिवलाल तुरी, बिनोद मंडल, रामसूचित महतो और अमीन सरमन राम भी उपस्थित रहेंगे।