इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणा, बजट 2026-27 में होगा बड़ा बदलाव

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को 40,000 करोड़ की ताकत

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। यह कदम देश के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार लाने में सहायक होगा। वित्तीय सहयोग से मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के उत्पादन में तेजी आएगी, जिससे भारत को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

हाई-टेक टूल रूम और रासायनिक पार्क

सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए दो अत्याधुनिक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, तीन समर्पित रासायनिक पार्क का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ बनेंगे।

कंटेनर निर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा

भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कंटेनर निर्माण की एक नई योजना पेश की गई है। यह योजना लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को मजबूत बनाएगी, जिससे निर्यात में भी वृद्धि होगी।

मोबाइल विनिर्माण में रिकॉर्ड वृद्धि

भारत का मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र पिछले एक दशक में अभूतपूर्व वृद्धि का गवाह रहा है। 2014-15 में उत्पादन मूल्य 18,000 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2025 में भारत से आईफोन का निर्यात 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है।

सेमीकंडक्टर परियोजनाओं से भविष्य की तैयारी

अगस्त 2025 तक, देश के छह राज्यों में 1.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ 10 सेमीकंडक्टर विनिर्माण और पैकेजिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। यह पहल भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगी।

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