जेपीएससी भर्ती घोटाले में सीआईडी ने पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते के ठिकानों पर छापेमारी की, डिजिटल सबूत बरामद।

जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी की जांच तेज

रांची में जेपीएससी परीक्षा अनियमितताओं के मामले में सीआईडी की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, सीआईडी ने पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते सहित तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। एक टीम ख्यांगते के निवास पर गई, जबकि अन्य टीमें जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय में जांच के लिए पहुंचीं।

जांच के प्रमुख पहलू

सूत्रों के अनुसार, जांच का एक प्रमुख पहलू एल. ख्यांगते के विदेश यात्रा और उन यात्राओं में परीक्षा एजेंसी द्वारा कथित रूप से किए गए खर्च की विस्तृत पड़ताल है। सीआईडी यह जानने का प्रयास कर रही है कि विदेश यात्राओं का वित्तपोषण किसने किया और क्या इसका परीक्षा प्रक्रिया या एजेंसी को मिलने वाले कार्यों से कोई संबंध था।

छापेमारी में जब्त किए गए साक्ष्य

छापेमारी के दौरान, सीआईडी ने परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी और रिमांड की प्रक्रिया

इस मामले में जेपीएससी की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से अभय कुमार, राजवीर सिंह और दो अन्य कर्मियों सहित कुल पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। सीआईडी शुक्रवार को इन आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए विशेष अदालत में आवेदन दाखिल करने की योजना बना रही है। रिमांड के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, वित्तीय लेनदेन, और संभावित मिलीभगत के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

भविष्य की संभावनाएँ

सीआईडी की हालिया कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि जांच अब परीक्षा प्रक्रिया से आगे बढ़कर कथित वित्तीय लेनदेन, विदेश दौरों की फंडिंग और एजेंसी के अधिकारियों के बीच संभावित संबंधों की ओर बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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