सर्वेक्षण: ‘होम-टू-रोल’ अभियान में एक परिवार के सभी मतदाता एक ही केंद्र पर होंगे: के रवि कुमार

झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण की समीक्षा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को राज्य के सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर के दौरान ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन, ‘एक परिवार–एक मतदान केंद्र’, नए योग्य भारतीय नागरिकों का पंजीकरण और नो-मैप तथा तार्किक विसंगति के मामलों का प्राथमिकता के साथ निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी योग्य भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। जिन नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में नहीं है, उनसे फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र प्राप्त कर नाम जोड़ने की प्रक्रिया को पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, यदि किसी परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों पर सूचीबद्ध हैं, तो उन्हें एक ही मतदान केंद्र पर सूचीबद्ध करने के लिए फॉर्म-8 भरवाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाए।

खतियान और वंशावली का परीक्षण

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देशित किया कि एक ही खतियान और उससे संबंधित वंशावली से जुड़े मतदाताओं के मामलों का समेकित रूप से परीक्षण किया जाए। इसमें माता-पिता, बच्चों और पूर्वजों से संबंधित दस्तावेजों की मदद से उम्र और पारिवारिक संबंधों की तार्किक विसंगतियों की जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया एक ही परिवार के सदस्यों के बीच आयु संबंधी असंगतियों का सही और दस्तावेज-आधारित समाधान प्रदान करेगी।

विशेष जनजातीय समूहों पर ध्यान

सीईओ ने कहा कि प्रत्येक नो-मैप और तार्किक विसंगति वाले मामले में उपलब्ध दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाना चाहिए। जिन मामलों में संबंधित मतदाता को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है, उन्हें पर्याप्त अवसर देकर दूसरी सुनवाई के लिए पुनर्निर्धारित किया जाए। ऐसे मामलों की एक अलग सूची तैयार की जाए और आवश्यकतानुसार फील्ड वेरिफिकेशन कर तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं को पर्याप्त अवसर प्रदान करना आवश्यक है, विशेषकर दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top