कृष्णा करमाली
रजरप्पा। नववर्ष पर रजरप्पा मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते है। इसक कारण भक्तों की भीड़ लग जाती है। जिसे देखते हुए रजरप्पा मंदिर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रजरप्पा मंदिर धार्मिक पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। यहां की मनोरम वादियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। नववर्ष पर हजारों लोगों मां छिन्नमस्तिके की पूजा कर वर्ष की शुरूआत करते है। खूबसूरत वादियों, घने जंगलों और पहाड़ों के बीच कलकल बहती दामोदर और भैरवी नदी का संगम आकर्षक का केंद्र रहता है। भैरवी नदी के ठंडे पानी से नहाने का यहां अलग ही मजा है। यहां के मनोरम वादियों के बीच लोग अपने परिजनों के साथ पिकनिक मनाते हैं। असम में कामाख्या मंदिर के बाद इसे दूसरा तीर्थ स्थल के रूप में माना जाता है। कहते हैं कि यहां सच्ची भक्ति के साथ मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इधर, चितरपुर निवासी सह पवन सारेगामा के निदेशक पवन कुमार का कहना है कि नए वर्ष की शुरूआत मां की पूजा अर्चना के साथ होती है। इसीलिए प्रत्येक वर्ष सह परिवार के साथ रजरप्पा पहुंचते है। नववर्ष को लेकर छिन्मस्तिका मंदिर प्रक्षेत्र में भारी संख्या में लोग पूजा और पिकनिक मनाने के लिए पहुंचते हैं। इसके लिए मंदिर न्याय समिति व प्रशासन द्वारा सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ताकि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं एवं सैलानियों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसके अलावे असामाजिक तत्वों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। ताकि किसी प्रकार की परिस्थितियों में से निपटा जा सके। उन्होंने नव वर्ष की अग्रिम बधाई देते हुए स्वच्छता का विशेष ख्याल रखने की अपील एवं मास्क का प्रयोग अवश्य करे।