पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार ने OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% किया, कई मुस्लिम उप-जातियाँ बाहर।

झारखंड में OBC सूची पर अदालत का महत्वपूर्ण निर्णय

हाल ही में झारखंड में एक अदालत ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में शामिल की गई 77 नई जातियों को अवैध और असंवैधानिक करार दिया है। इस फैसले के चलते, 2010 के बाद जारी लगभग 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए हैं। यह निर्णय झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है, विशेषकर उन समुदायों के लिए जो पूर्ववर्ती सरकार के समय OBC सूची में शामिल किए गए थे।

पूर्ववर्ती सरकार के निर्णयों का प्रभाव

इस नए फैसले के परिणामस्वरूप, ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में OBC सूची में जोड़ी गई कई मुस्लिम उप-जातियां आरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएंगी। इससे उन समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा जो लंबे समय से सरकारी सुविधाओं और आरक्षण का लाभ उठा रहे थे। इस फैसले ने समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

इस निर्णय पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ आना शुरू हो गई हैं। कुछ दल इसे न्यायिक स्वतंत्रता का प्रतीक मानते हैं, जबकि अन्य इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ एक कदम के रूप में देख रहे हैं। झारखंड की राजनीति में इस मुद्दे पर चर्चा और बहस तेज हो गई है, जिससे आने वाले समय में संभावित राजनीतिक बदलाव हो सकते हैं।

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