स्वतंत्रता दिवस: स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने राष्ट्र-निर्माण, लोकतंत्र और समानता पर बल दिया

स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन, विधानसभा अध्यक्ष ने किया संबोधन

झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबींद्र नाथ महो ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम, लोकतंत्र, संविधान और समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ ही झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानियों जैसे बाबा तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और बिरसा मुंडा की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर किया।

भारत की स्वतंत्रता का महत्व

अध्यक्ष ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता किसी एक व्यक्ति या संस्था के संघर्ष का परिणाम नहीं है, बल्कि यह विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का फल है। 15 अगस्त 1947 को राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त होती है, जिसके साथ देश के विकास की बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं है, बल्कि यह सम्मान के साथ जीने और अपने भविष्य का निर्धारण करने की इच्छा भी दर्शाता है।

लोकतंत्र की व्यापकता पर जोर

अध्यक्ष ने लोकतंत्र की परिभाषा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि यह केवल चुनावों तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र का असली अर्थ नागरिकों की भागीदारी और उनके अधिकारों की सुरक्षा करना है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पहलू को समझें और सक्रिय रूप से इसमें भाग लें।

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